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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kashi - Vishwanath Temple: Vermilion, turmeric will stop using

काशी-विश्वनाथ मंदिर में सिंदूर-हल्दी के प्रयोग पर लगेगी रोक

Tue, 01 Oct 2013 11:43 AM IST
अमर उजाला, वाराणसी
अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 01 Oct 2013 11:43 AM IST
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Kashi - Vishwanath Temple: Vermilion, turmeric will stop using

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा की पूजा में प्रयोग होने वाला सिंदूर और हल्दी को वैन किया जा सकता है।

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मंदिर न्यास परिषद की बैठक में न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि सिंदूर में पारा और हल्दी में चूना मिश्रित होने की वजह से दोनों वस्तुओं को ज्योतिर्लिंग के लिए नुकसानदायक है।

इसलिए पूजा में इसका प्रयोग बंद कर दिया जाएगा।

वहीं, अब श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में होने वाली पूजा को देश-दुनिया के श्रद्धालु मोबाइल पर भी देख सकेंगे। मंदिर न्यास परिषद पूजा का मोबाइल पर सजीव प्रसारण की व्यवस्था करने जा रही है।
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अभी पूजा का लाइव प्रसारण सिर्फ टाटा स्काई पर होता है।

न्यास परिषद की 83वीं बैठक में मंदिर की व्यवस्था को और चाक-चौबंद करने पर जोर दिया गया। बाबा को चढ़ाए गए बेलपत्र और फूलमाला से भस्म तैयार करने के प्रस्ताव को धर्म परंपरा के अनुरूप न होने के चलते खारिज कर दिया गया।
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भविष्य में दर्शनार्थियों को बाबा की भस्म के साथ प्रसाद में छोटा ब्रोशर भी देने का फैसला किया गया। इसमें बाबा के शृंगार के फोटो के साथ ही दर्शन का महात्म्य, पूजा विधि, आरती का समय और मंदिर का संक्षिप्त इतिहास होगा।

मंदिर के दो शिखरों को इलेक्ट्रोप्लेटिंग विधि से स्वर्ण मंडित कराने और घिस चुके मार्बल की जगह लाल या भगवा रंग के फ्रेम में ग्रेनाइट पत्थर लगाने पर सहमति जताई गई।

स्वर्ण पत्तर लगाने के लिए शिखर की भार वहन क्षमता की भी जांच कराई जाएगी। हालांकि न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने स्वर्ण शिखरों को स्वर्ण मंडित करने संबंधी निर्णय की सूचना को बकवास करार दिया।

अलबत्ता बताया कि मंदिर के पत्थरों में क्षरण की जांच पुरातत्वविदों और बीएचयू आईआईटी के इंजीनियरों से कराई जाएगी।

विशेषज्ञों की राय के बाद पहले गर्भगृह के बचे हिस्से को स्वर्ण मंडित कराया जाएगा। तारकेश्वर और भुवनेश्वर मंदिर के शिखरों को स्वर्ण मंडित कराने पर बाद में सोचा जाएगा।


बैठक में यह भी निर्णय किया गया कि मंदिर के नीचे से गुजरी सीवर और ड्रेनेज लाइन को सुधारने के साथ ही बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।

बैठक में काशीराज परिवार के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह, प्रमुख सचिव (धर्मार्थ कार्य) नवनीत सहगल, जिलाधिकारी प्रांजल यादव, मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसके मौर्या, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पारस नाथ द्विवेदी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र मिश्र, न्यास के सदस्य प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, प्रो. सुधांशु शेखर शास्त्री उपस्थित थे।

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