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Kasganj News: हरिद्वार से गंगा में बढ़ा पानी का प्रवाह, जलस्तर बढ़ने के आसार
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फोटो 31- कछला गंगाघाट का फाइल फोटो
कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से गंगा में करीब 5 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से किसानों में चिंता है। तटीय इलाकों के किसान बाढ़ से बचाव की तैयारियों में जुटे हैं।
हरिद्वार से बृहस्पतिवार को 68 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह था जो बढ़कर शुक्रवार को 73 हजार क्यूसेक पर आ गया। नरौरा बैराज से पानी के प्रवाह में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई।
बृहस्पतिवार को 55 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह था जो घटकर 48 हजार क्यूसेक पर रह गया, लेकिन हरिद्वार का पानी बढ़ने से अब फिर यह प्रवाह बढ़ जाएगा। पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। अधिक बारिश होने पर प्रवाह बढ़ जाता है, बारिश रुकने पर यह प्रवाह कम हो जाता है।
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किसान बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित होने लगे हैं। शहवाजपुर इलाके के रहने वाले विमल राघव का कहना है कि गंगा की बाढ़ से हर साल नुकसान काफी किसानों को होता है, लेकिन बाढ़रोधी कार्यों से भी कोई लाभ नहीं हो पाता।
पिछले साल बाढ़ में सुन्नगढ़ी-शहवाजपुर मार्ग कट गया था यह मार्ग अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। केवल मिट्टी डालकर भराव कर दिया गया है। बाढ़ आते ही फिर से मिट्टी ढह जाएगी और आवागमन प्रभावित होगा। इसको लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।
बैराजों से पानी का प्रवाह
- हरिद्वार बैराज से- 73103 क्यूसेक
- बिजनौर बैराज से- 53074 क्यूसेक
- नरौरा बैराज से- 48653 क्यूसेक
- कछला ब्रिज- 161.97 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- पहाड़ों पर बारिश के कारण लगातार गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहा है। अभी जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।
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हरिद्वार से बृहस्पतिवार को 68 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह था जो बढ़कर शुक्रवार को 73 हजार क्यूसेक पर आ गया। नरौरा बैराज से पानी के प्रवाह में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई।
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बृहस्पतिवार को 55 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह था जो घटकर 48 हजार क्यूसेक पर रह गया, लेकिन हरिद्वार का पानी बढ़ने से अब फिर यह प्रवाह बढ़ जाएगा। पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। अधिक बारिश होने पर प्रवाह बढ़ जाता है, बारिश रुकने पर यह प्रवाह कम हो जाता है।
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किसान बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित होने लगे हैं। शहवाजपुर इलाके के रहने वाले विमल राघव का कहना है कि गंगा की बाढ़ से हर साल नुकसान काफी किसानों को होता है, लेकिन बाढ़रोधी कार्यों से भी कोई लाभ नहीं हो पाता।
पिछले साल बाढ़ में सुन्नगढ़ी-शहवाजपुर मार्ग कट गया था यह मार्ग अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। केवल मिट्टी डालकर भराव कर दिया गया है। बाढ़ आते ही फिर से मिट्टी ढह जाएगी और आवागमन प्रभावित होगा। इसको लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।
बैराजों से पानी का प्रवाह
- हरिद्वार बैराज से- 73103 क्यूसेक
- बिजनौर बैराज से- 53074 क्यूसेक
- नरौरा बैराज से- 48653 क्यूसेक
- कछला ब्रिज- 161.97 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- पहाड़ों पर बारिश के कारण लगातार गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहा है। अभी जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।