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Kasganj News: ग्राम प्रधान ने बीडीओ के नोटिस का दिया जवाब, लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
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पटियाली। विकासखंड की ग्राम पंचायत मजरा जाट पटियाली के ग्राम प्रधान मुनीश कुमार ने खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार के नोटिस का जवाब देते हुए मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। प्रधान ने दावा किया कि वर्ष 2021 से 2026 तक उन्होंने मनरेगा के तहत कोई कार्य नहीं कराया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रधान के अनुसार, ग्राम नगला खिन्नी स्थित आंबेडकर पार्क में मनरेगा के तहत कोई कार्य या सौंदर्यीकरण नहीं कराया गया। इस संबंध में उन्होंने रोजगार सेवक अवनीश कुमार यादव, वीरेंद्र सिंह चौहान, रामकुमार चौहान और ब्लॉक प्रमुख से कई बार मौखिक आग्रह किया था।
प्रधान ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में दर्शाए गए पक्के कार्य रोजगार सेवकों और ब्लॉक प्रमुख ने कराए। विकास कार्य पूरे कराने के उद्देश्य से उन्होंने लेटर पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन भुगतान निजी फर्मों के माध्यम से करा लिया गया। उन्होंने दावा किया कि किसी भी बिल-वाउचर पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।
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उन्होंने घौसगंज, नगला भीमसेन और नगला किशोरी सहित कई गांवों में बिना काम कराए भुगतान निकालने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी, जेई और बीडीओ को जिम्मेदार ठहराया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रधान ने जवाब की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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प्रधान के अनुसार, ग्राम नगला खिन्नी स्थित आंबेडकर पार्क में मनरेगा के तहत कोई कार्य या सौंदर्यीकरण नहीं कराया गया। इस संबंध में उन्होंने रोजगार सेवक अवनीश कुमार यादव, वीरेंद्र सिंह चौहान, रामकुमार चौहान और ब्लॉक प्रमुख से कई बार मौखिक आग्रह किया था।
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प्रधान ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में दर्शाए गए पक्के कार्य रोजगार सेवकों और ब्लॉक प्रमुख ने कराए। विकास कार्य पूरे कराने के उद्देश्य से उन्होंने लेटर पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन भुगतान निजी फर्मों के माध्यम से करा लिया गया। उन्होंने दावा किया कि किसी भी बिल-वाउचर पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।
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उन्होंने घौसगंज, नगला भीमसेन और नगला किशोरी सहित कई गांवों में बिना काम कराए भुगतान निकालने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी, जेई और बीडीओ को जिम्मेदार ठहराया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रधान ने जवाब की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।