फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   The dream of making the city clean stuck in the tender process

Kasganj News: टेंडर प्रक्रिया में अटका शहर को साफ बनाने का सपना

Thu, 27 Nov 2025 11:23 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Updated Thu, 27 Nov 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
The dream of making the city clean stuck in the tender process
फोटो01कासगंज में काली नदी के पास फेंका गया कूड़ा।संवाद
कासगंज। नगर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए 6.76 करोड़ रुपये की लागत से सोराेंजी के गांव याकूतगंज में कचरा निस्तारण का निर्माण किया गया था। छह माह बीचने के बाद भी यह म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम चालू नहीं हो सका है। विधिवत हैंडओवर के बाद भी केंद्र उद्घाटन और संचालन के इंतजार में पड़ा है। इसके चालू होने से प्रतिदिन 50 टन कचरे के निस्तारण किया जा सकेगा।
विज्ञापन


नगर पालिका क्षेत्र की आबादी करीब एक लाख से अधिक है। इसमें 20,255 घरों से प्रतिदिन 22.79 टन कूड़ा निकलता है। कचरा निस्तारण के लिए पालिका ने सोरोंजी के गांव याकूतगंज में 6.76 करोड़ रुपये की लागत से म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एमएसडब्लूएम) का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू किया था। मार्च वर्ष 2025 में इसका कार्य पूरा कर लिया गया। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने केंद्र को नगर पालिका परिषद के हैंडओवर कर दिया। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी इस केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका है। हालात ये हैं कि शहर से निकलने वाले कूड़े को घरों से एकत्रित करने के बाद काली नदी पुल, अमरपुर काली नदी पुल व बिलराम हजारा नहर के पास फेंक दिया जाता है। इससे इस क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। दुर्गंध के कारण इस मार्ग से गुजरने में लोगों को परेशानी होती है। लोगों ने कई बार नगर पालिका कर्मियों व चेयरमैन से कूड़ा व गंदगी के निस्तारण की शिकायत की गई। इसके बाद भी समस्या का समाधान नही हुआ है।
विज्ञापन




----

तीन तरह से होगा कचरा निस्तारण
केंद्र चालू होने के बाद कचरे का तीन तरह से निस्तारण किया जाएगा। गीले कचरे को अलग करके कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसके नगर पालिका निर्धारित मूल्य पर उसके बेचेगी। घरेलू हानिकारक अपशिष्ट दवाएं, सुई व अन्य कचरे का अलग से निस्तारण किया जाएगा। वहीं सूखे कचरे को अलग-अलग किया जाएगा। इसमें से प्लास्टिक, लोहा सहित अन्य उपयोगी कचरे को अलग किया जाएगा। इस कचरे की बिक्री बाद पालिका के खाते में धनराशि जमा की जाएगी। इससे नगर पालिका परिषद की आय में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि प्लांट पर कचरा निस्तारण के लिए लगभग 15 मशीनें स्थापित की होंगी। इन मशीनों के व्यय पर करीब 7 से 7.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मशीनों को संचालित करने के लिए बिजली का कनेक्शन किया जाना है। इसके बाद शहर से निकलने वाले कूड़े व कचरे को निस्तारण हो सकेगा। लोगों को गंदगी के ढेरों से राहत मिल सकेगी। अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, एसडीएम, एसएन त्रिपाठी ने बताया कि म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में कचरा निस्तारण के लिए मशीनें स्थापित नहीं हुई है। मशीनें स्थापित कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed