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Kasganj News: सहकारी समितियों की हड़ताल से बुवाई अटकी, चिंता में किसान
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फोटो 02 कासगंज में सहकारी क्रय विक्रय समिति पर खाद के लिए इंतजार करते किसान। संवाद
कासगंज। जिले में रबी सीजन की मुख्य फसलों की बुवाई का दौर शुरू हो चुका है लेकिन खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सहकारी समितियों पर पिछले छह दिनों से चल रही हड़ताल के कारण किसानों को उर्वरक नहीं मिल पा रहा है जिससे बुवाई का कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है।
जिले के करीब 2.25 लाख किसान अपनी खाद की जरूरतें पूरी करने के लिए मात्र दो क्रय-विक्रय समितियों के भरोसे हैं। यहां भी किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। समितियों पर उमड़ती भारी भीड़ और सीमित स्टॉक के बीच किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
ऊपर से समिति के सदस्यों को खाद वितरण में प्राथमिकता मिलने के कारण आम किसानों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। किसान कभी लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं तो कभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं। किसानों को चिंता है कि यदि समय पर डीएपी और अन्य उर्वरक नहीं मिले तो बुवाई में देरी होगी और इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा।
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मौजूदा समय में रबी सीजन के तहत आलू की गड़ाई के साथ-साथ सरसों, मटर और गेहूं की बुवाई के लिए खेत पूरी तरह तैयार हैं। आशंका है कि बुवाई का उचित समय निकल जाने पर उनकी महीनों की मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो सकती हैं।
समिति पर खाद मिलने का इंतजार कर रहे किसान रामजीलाल ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री जमा न होने के कारण उन्हें अगले दिन आने को कह दिया गया। वहीं, किसान सुनहरी लाल ने बताया कि सोमवार को अवकाश के कारण क्रय-विक्रय समिति बंद मिली और अगले दिन भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
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वर्जन
सहकारी समितियों की हड़ताल चल रही है। क्रय विक्रय समिति के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। -अशोक कुमार, एआर कोआपरेटिव
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जिले के करीब 2.25 लाख किसान अपनी खाद की जरूरतें पूरी करने के लिए मात्र दो क्रय-विक्रय समितियों के भरोसे हैं। यहां भी किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। समितियों पर उमड़ती भारी भीड़ और सीमित स्टॉक के बीच किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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ऊपर से समिति के सदस्यों को खाद वितरण में प्राथमिकता मिलने के कारण आम किसानों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। किसान कभी लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं तो कभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं। किसानों को चिंता है कि यदि समय पर डीएपी और अन्य उर्वरक नहीं मिले तो बुवाई में देरी होगी और इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा।
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मौजूदा समय में रबी सीजन के तहत आलू की गड़ाई के साथ-साथ सरसों, मटर और गेहूं की बुवाई के लिए खेत पूरी तरह तैयार हैं। आशंका है कि बुवाई का उचित समय निकल जाने पर उनकी महीनों की मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो सकती हैं।
समिति पर खाद मिलने का इंतजार कर रहे किसान रामजीलाल ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री जमा न होने के कारण उन्हें अगले दिन आने को कह दिया गया। वहीं, किसान सुनहरी लाल ने बताया कि सोमवार को अवकाश के कारण क्रय-विक्रय समिति बंद मिली और अगले दिन भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
वर्जन
सहकारी समितियों की हड़ताल चल रही है। क्रय विक्रय समिति के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है। -अशोक कुमार, एआर कोआपरेटिव

फोटो 02 कासगंज में सहकारी क्रय विक्रय समिति पर खाद के लिए इंतजार करते किसान। संवाद