{"_id":"69cabb35648e27c3ba0c99a5","slug":"shipra-selected-in-up-pcs-became-assistant-commissioner-kasganj-news-c-175-1-kas1003-145480-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: शिप्रा का यूपी पीसीएस में चयन, बनीं असिस्टेंट कमिश्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: शिप्रा का यूपी पीसीएस में चयन, बनीं असिस्टेंट कमिश्नर
विज्ञापन
फोटो31पीसीएस परीक्षा में चयनित शिप्रा वर्मा। स्रोत:परिजन
कासगंज। अमांपुर की शिप्रा वर्मा ने यूपी पीसीएस परीक्षा-2024 में सफलता हासिल की है। उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के पद पर हुआ है। इस उपलब्धि से उनके परिवार और कस्बे में खुशी का माहौल है।
शिप्रा के पिता देवेंद्र सिंह वर्मा अमांपुर के मक्खन लाल इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं। उनकी मां कमलेश वर्मा गृहिणी हैं। शिप्रा दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही हैं। उनका छोटा भाई ध्रुव वर्मा भी उनके साथ सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहा है। शिप्रा ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई अमांपुर से की। उन्होंने इंटर द्रौपदी जाजू बालिका इंटर कॉलेज से और बीएससी आगरा के सेंट जोंस कॉलेज से पूरी की। उन्होंने दूसरे प्रयास में पीसीएस की परीक्षा पास करते हुए 141वीं रैंक प्राप्त की है।
भविष्य की योजनाएं और परिवार
शिप्रा का लक्ष्य आईएएस बनना है और वह इसके लिए लगातार तैयारी में जुटी हैं। उनकी बहन रितिका वर्मा डॉक्टर हैं। शिप्रा की इस सफलता पर उनके परिजन और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिप्रा के पिता देवेंद्र सिंह वर्मा अमांपुर के मक्खन लाल इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं। उनकी मां कमलेश वर्मा गृहिणी हैं। शिप्रा दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर आईएएस की तैयारी कर रही हैं। उनका छोटा भाई ध्रुव वर्मा भी उनके साथ सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहा है। शिप्रा ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई अमांपुर से की। उन्होंने इंटर द्रौपदी जाजू बालिका इंटर कॉलेज से और बीएससी आगरा के सेंट जोंस कॉलेज से पूरी की। उन्होंने दूसरे प्रयास में पीसीएस की परीक्षा पास करते हुए 141वीं रैंक प्राप्त की है।
विज्ञापन
भविष्य की योजनाएं और परिवार
शिप्रा का लक्ष्य आईएएस बनना है और वह इसके लिए लगातार तैयारी में जुटी हैं। उनकी बहन रितिका वर्मा डॉक्टर हैं। शिप्रा की इस सफलता पर उनके परिजन और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है।
विज्ञापन