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Kasganj News: श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग में शुरू होगा सावन
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फोटो 07 कासगंज फोटो ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट। स्रोत: संवाद
कासगंज। भगवान शिव को समर्पित सावन मास का शुभारंभ इस वर्ष बृहस्पतिवार, 30 जुलाई 2026 से विशेष ज्योतिषीय संयोगों में हो रहा है। पंचांग के अनुसार, सावन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के प्रभाव में होगी। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इन शुभ योगों में किया गया शिवपूजन, रुद्राभिषेक, जप-तप और दान-पुण्य विशेष फलदायी रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार श्रवण नक्षत्र को शिव भक्ति से जुड़ा माना जाता है। आयुष्मान योग स्वास्थ्य, दीर्घायु और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि सौभाग्य योग दांपत्य सुख, समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में सावन का पहला दिन विशेष महत्व रखेगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार इन संयोगों के कारण शिवपूजन, रुद्राभिषेक, जप-तप और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ सकता है। इस बार सावन में कई दुर्लभ योग भी बन रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में संचरण से 12 वर्ष बाद हंस महापुरुष राजयोग बन रहा है। वहीं 1 अगस्त को राहु के धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर से अंगारक योग बनेगा। 10 अगस्त को दूसरा सावन सोमवार और प्रदोष व्रत एक साथ पड़ेंगे, जबकि 17 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार और नाग पंचमी का अद्भुत संयोग रहेगा।
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इन तिथियों में पड़ेंगे सोमवार
पहला सोमवार: 3 अगस्त
दूसरा सोमवार : 10 अगस्त
तीसरा सोमवार: 17 अगस्त
चौथा सोमवार: 24 अगस्त
सावन में करें ये महाउपाय
काले तिल मिलाकर अभिषेक: सभी कष्टों से मुक्ति, अटके कार्यों में सफलता और गुप्त शत्रुओं से रक्षा।
जौ मिश्रित जल से अभिषेक: भौतिक सुख-सुविधाओं और समृद्धि की प्राप्ति।
घी का दीपक जलाएं: धन, वैभव और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि।
शमी पत्र अर्पित करें: भगवान शिव के साथ शनि देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता।
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ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार श्रवण नक्षत्र को शिव भक्ति से जुड़ा माना जाता है। आयुष्मान योग स्वास्थ्य, दीर्घायु और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि सौभाग्य योग दांपत्य सुख, समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में सावन का पहला दिन विशेष महत्व रखेगा।
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ज्योतिषाचार्य के अनुसार इन संयोगों के कारण शिवपूजन, रुद्राभिषेक, जप-तप और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ सकता है। इस बार सावन में कई दुर्लभ योग भी बन रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में संचरण से 12 वर्ष बाद हंस महापुरुष राजयोग बन रहा है। वहीं 1 अगस्त को राहु के धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर से अंगारक योग बनेगा। 10 अगस्त को दूसरा सावन सोमवार और प्रदोष व्रत एक साथ पड़ेंगे, जबकि 17 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार और नाग पंचमी का अद्भुत संयोग रहेगा।
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इन तिथियों में पड़ेंगे सोमवार
पहला सोमवार: 3 अगस्त
दूसरा सोमवार : 10 अगस्त
तीसरा सोमवार: 17 अगस्त
चौथा सोमवार: 24 अगस्त
सावन में करें ये महाउपाय
काले तिल मिलाकर अभिषेक: सभी कष्टों से मुक्ति, अटके कार्यों में सफलता और गुप्त शत्रुओं से रक्षा।
जौ मिश्रित जल से अभिषेक: भौतिक सुख-सुविधाओं और समृद्धि की प्राप्ति।
घी का दीपक जलाएं: धन, वैभव और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि।
शमी पत्र अर्पित करें: भगवान शिव के साथ शनि देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता।