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Kasganj News: बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद, जलस्तर घटा
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फोटो 34- ग्राम मूंझखेड़ा में बाढ़ के पानी के बीच नाव से प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाते परिजन।
कासगंज। पटियाली के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बाढ़ के प्रकोप से निजात मिलने के संकेत मिलने लगे हैं। 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब 25 सेंटीमीटर की कमी आई है। इसके अलावा हरिद्वार से लेकर नरौरा तक बैराजों का प्रवाह भी तेजी से घट रहा है। इससे प्रभावित इलाकों में राहत लौट सकती है लेकिन निचले इलाकों में भरे बाढ़ के पानी से मुसीबतें बरकरार हैं। अभी भी ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव नगला चतुरी, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा, पनसोती नगला, मूंझखेड़ा, नगला नरपत, नगला खना, मूंझखेड़ा, नगला दुर्जन, नगला दिपी, नगला जयकिशन में बाढ़ का प्रकोप है। तीन दिन पहले गंगा में उफान आने पर इन गांवों में गंगा का पानी पहुंच गया था इससे बाढ़ के हालात बन गए। कटी पुलियां और सड़कों के कारण ग्रामीणों को सर्वाधिक दिक्कतें हो रही हैं।
जलभराव के कारण संक्रामकों का खतरा भी बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली का संकट भी गहराया हुआ है। खेतों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की भी समस्या है।
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नगला दुर्जन के उर्वेश कुमार ने बताया कि अब गंगा का पानी गांव में कम होने लगा है, लेकिन सड़कों पर पानी भरा होने से दिक्कतें हें। पानी में होकर ही लोग आवाजाही करने को मजबूर हो रहे हैं।
सिंचाई विभाग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाके लोगों को राहत मिलने का संकेत देते हुए गंगा में जलस्तर की कमी के बारे में बताया। इससे ग्रामीणों के मन को राहत मिली है।
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एसडीएम ने किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण
पटियाली। एसडीएम सुशांत सांवरे, नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नगला जैली, नगला दुर्जन, राजेपुर कुर्रा, मूंझखेड़ा सहित अन्य इलाकों में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मिलकर उनका हाल जाना। बाढ़ की स्थिति को देखा। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने संबंधित लेखपालों को भी निगरानी के निर्देश दिए।
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प्रसव के लिए प्रसूता को नाव से ले गए अस्पताल
पटियाली। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुसीबतें बरकरार हैं। एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो सड़कों पर पानी भरा होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसी स्थिति में परिजन महिला को गोद में उठाकर नाव तक ले गए और नाव से महिला को बाढ़ का पानी पार कराया और फिर वाहन से पटियाली के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्रसव पीड़ा मूंझखेड़ा गावं की निहारिका को शुक्रवार की शाम हुई। परिवार के लोग आपदा के बीच मशक्कत करते हुए प्रसूता को अस्पताल तक लेकर पहुंचे।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 45716 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 48653 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 77819 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.10 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह कम हुआ है। कछला पर गंगा का जलस्तर 25 सेंटीमीटर घटा है। आगे भी यह कमी जारी रहेगी- शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई।
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पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव नगला चतुरी, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा, पनसोती नगला, मूंझखेड़ा, नगला नरपत, नगला खना, मूंझखेड़ा, नगला दुर्जन, नगला दिपी, नगला जयकिशन में बाढ़ का प्रकोप है। तीन दिन पहले गंगा में उफान आने पर इन गांवों में गंगा का पानी पहुंच गया था इससे बाढ़ के हालात बन गए। कटी पुलियां और सड़कों के कारण ग्रामीणों को सर्वाधिक दिक्कतें हो रही हैं।
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जलभराव के कारण संक्रामकों का खतरा भी बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली का संकट भी गहराया हुआ है। खेतों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की भी समस्या है।
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नगला दुर्जन के उर्वेश कुमार ने बताया कि अब गंगा का पानी गांव में कम होने लगा है, लेकिन सड़कों पर पानी भरा होने से दिक्कतें हें। पानी में होकर ही लोग आवाजाही करने को मजबूर हो रहे हैं।
सिंचाई विभाग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाके लोगों को राहत मिलने का संकेत देते हुए गंगा में जलस्तर की कमी के बारे में बताया। इससे ग्रामीणों के मन को राहत मिली है।
एसडीएम ने किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण
पटियाली। एसडीएम सुशांत सांवरे, नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नगला जैली, नगला दुर्जन, राजेपुर कुर्रा, मूंझखेड़ा सहित अन्य इलाकों में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मिलकर उनका हाल जाना। बाढ़ की स्थिति को देखा। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने संबंधित लेखपालों को भी निगरानी के निर्देश दिए।
प्रसव के लिए प्रसूता को नाव से ले गए अस्पताल
पटियाली। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुसीबतें बरकरार हैं। एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो सड़कों पर पानी भरा होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसी स्थिति में परिजन महिला को गोद में उठाकर नाव तक ले गए और नाव से महिला को बाढ़ का पानी पार कराया और फिर वाहन से पटियाली के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्रसव पीड़ा मूंझखेड़ा गावं की निहारिका को शुक्रवार की शाम हुई। परिवार के लोग आपदा के बीच मशक्कत करते हुए प्रसूता को अस्पताल तक लेकर पहुंचे।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 45716 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 48653 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 77819 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.10 मीटर के निशान पर
वर्जन-
- गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। नरौरा बैराज से पानी का प्रवाह कम हुआ है। कछला पर गंगा का जलस्तर 25 सेंटीमीटर घटा है। आगे भी यह कमी जारी रहेगी- शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई।

फोटो 34- ग्राम मूंझखेड़ा में बाढ़ के पानी के बीच नाव से प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाते परिजन।

फोटो 34- ग्राम मूंझखेड़ा में बाढ़ के पानी के बीच नाव से प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाते परिजन।