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Ram Mandir: अयोध्या कूच से पहले 32 दिन तक जेल में रहे रामभक्त, अनुभव बताते हुए रोमांचित हो उठे भक्त
Wed, 10 Jan 2024 12:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 10 Jan 2024 12:42 PM IST
सार
अयोध्या कूच से पहले कासगंज के रामभक्त 32 दिन तक मैनपुरी जेल में रहे थे। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। अनुभव बताते हुए वह रोमांचित हो उठे।
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रामभक्त डॉ.वीपी माहेश्वरी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राम मंदिर आंदोलन को लेकर तीर्थनगरी सोरोंजी (कासगंज जिला) के रामभक्तों में भी गजब का जज्बा रहा। उन्होंने अयोध्या कूच करने की योजना बनाई, लेकिन उनकी इस योजना को पुलिस ने नाकाम कर दिया। अयोध्या कूच से पहले रामभक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और गिरफ्तारी के बाद उन्हें 32 दिनों तक मैनपुरी की जेल में बंद रखा गया।
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श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के बारे में भाजपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष डॉ. वीपी माहेश्वरी ने बताया कि 13 अक्टूबर 1990 को तीर्थनगरी के रामभक्त सोकर भी नहीं उठ पाए थे कि तीर्थनगरी के तत्कालीन इंस्पेक्टर ओपी शर्मा फोर्स के साथ पहुंच गए और गिरफ्तार कर लिया।
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इसके अलावा आरएसएस के स्वयंसेवक डॉ. सुरेंद्र शर्मा, रामबाबू शर्मा, बागीश दुबे, मुन्नालाल चौधरी, रामप्रकाश चौधरी, उमाशंकर बरवारिया, जगदीश लोहिया, आनंद भूत, भगवान सहाय बरवारिया, विनोद दीक्षित, जगदीश चौधरी आदि लोग भी गिरफ्तार कर मैनपुरी जेल भेजे गए। 32 दिन तक सभी रामभक्त मैनपुरी की जेल में रहे।
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उन्होंने बताया कि उस समय तीर्थनगरी की हर गली मोहल्ले में रामभक्त में कुछ कर गुजरने का जज्बा था। गली गली में रामभक्तों की टोलियां अयोध्या कूच के लिए अलख जगातीं थीं। हर जुबान पर एक ही नारा रहता था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।