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दूसरों को नसीहत, खुद की बसें फजीहत: अभियान से पहले खुली कासगंज रोडवेज की पोल

Mon, 29 Jun 2026 11:05 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Updated Mon, 29 Jun 2026 11:05 PM IST
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Preaching to others while facing embarrassment oneself: Kasganj Roadways exposed before the campaign.
फोटो 16 - दिल्ली मार्ग पर जाने वाली रोडवेज की बस में नदारद फस्ट एड बॉक्स एवं अ​ग्निशमन यंत्र ।
पड़ताल में खुली व्यवस्था की पोल, न आग बुझाने का इंतजाम, न फर्स्ट एड बॉक्स
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संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। जिले में मंगलवार से शुरू होने वाले विशेष चेकिंग अभियान के तहत परिवहन विभाग निजी और स्कूल बसों में अग्निशमन सुरक्षा समेत अन्य मानकों की सख्ती से जांच करने जा रहा है। लेकिन, इस अभियान के शुरू होने से पहले ही रोडवेज (परिवहन निगम) की अपनी व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। कासगंज डिपो की बसों की पड़ताल में जो हकीकत सामने आई है, वह चौंकाने वाली है—तमाम बसों से अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स गायब मिले।
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद शासन ने सार्वजनिक वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग मंगलवार से विशेष जांच अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान के दौरान जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को पड़ताल के दौरान रोडवेज और अनुबंधित बसों की स्थिति चौंकाने वाली मिली। अधिकांश बसों में न तो अग्निशमन यंत्र मिले और न ही फर्स्ट एड बॉक्स। कई बसों में अग्निशमन यंत्र रखने का स्थान तो बना था, लेकिन वह पूरी तरह खाली मिला। कुछ बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि (एक्सपायरी) भी काफी पहले समाप्त हो चुकी थी, जबकि रोजाना हजारों यात्री इन बसों में सफर करते हैं। यदि किसी बस में शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण से आग लग जाए तो अग्निशमन यंत्र के अभाव में बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब रोडवेज अपनी बसों में ही सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं करा पा रहा है तो निजी बस संचालकों और अन्य वाहनों पर होने वाली कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी। अभियान शुरू होने से पहले विभाग को अपने बेड़े की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी, तभी सुरक्षा नियमों की सख्ती का संदेश प्रभावी ढंग से जा सकेगा।
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लोगों की बातचीत :
हम रोजाना रोडवेज बसों से सफर करते हैं। यदि बस में आग लग जाए या फिर कोई दुर्घटना हो जाए तो अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स ही सबसे पहले काम आते हैं। इनके बिना यात्रा करना जोखिम भरा है। - शालू गुप्ता
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सरकार और परिवहन निगम सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन बसों में जरूरी सुरक्षा उपकरण ही नहीं हैं। पहले रोडवेज की सभी बसों में सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाना चाहिए, तभी यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा। - आकाश गुप्ता
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वर्जन :

अभियान के दौरान यदि रोडवेज की बसों में भी अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निगम को पत्र जारी कर रोडवेज और अनुबंधित सभी बसों में अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाएंगे। मंगलवार से विशेष अभियान चलाया जाएगा। - आरपी मिश्र, एआरटीओ


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वर्जन :

अनुबंधित बस स्वामियों को अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ मिलने पर संबंधित बस का अनुबंध समाप्त किया जाएगा। वर्तमान में रोडवेज की 55 बसों में अग्निशमन यंत्र लगे हैं, जबकि शेष 27 बसों में लगे कुछ अग्निशमन यंत्र खराब हो गए हैं उन्हें सही कराया जा रहा है। - नीरज कुमार, प्रभारी

फोटो 16 - दिल्ली मार्ग पर जाने वाली रोडवेज की बस में नदारद फस्ट एड बॉक्स एवं अग्निशमन यंत्र ।

फोटो 16 - दिल्ली मार्ग पर जाने वाली रोडवेज की बस में नदारद फस्ट एड बॉक्स एवं अग्निशमन यंत्र ।

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