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Kasganj News: सवा लाख अकीदतमंदों ने झुकाए सिर, मांगी अमन-चैन की दुआ
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फोटो02कासगंज में ईद पर्व पर बिलराम गेट ईदगाह में नमाज पढ़ते लोग। संवाद
कासगंज। त्योहारों की साझी संस्कृति और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए जिले में बृहस्पतिवार को बकरीद का पर्व पारंपरिक अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस मुबारक मौके पर जिले की 64 ईदगाहों और 41 मस्जिदों में मुस्लिम समाज के करीब सवा लाख अकीदतमंदों ने नमाज अदा की।
खुदा की बारगाह में सिर झुकाकर सभी ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए सामूहिक दुआएं मांगीं। नमाज मुकम्मल होते ही चारों तरफ ''बकरीद मुबारक'' की गूंज सुनाई देने लगी और लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर पर्व की बधाई दी।
सुबह से ही त्योहार को लेकर समाज में खासा उत्साह देखा गया। आकर्षक ढंग से सजाई गईं शहर की नई और पुरानी ईदगाहों सहित ग्रामीण अंचलों की मस्जिदों में तय समय पर नमाज शुरू हुई। इस दौरान रंग-बिरंगे कुर्ते-पायजामे और टोपियां पहने नन्हे-मुन्ने बच्चे बड़ों के साथ ईदगाह पहुंचे, जो हर किसी के आकर्षण का केंद्र रहे।
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नमाज संपन्न होने के बाद लोग अपने घरों को लौटे, जहां पारंपरिक तरीके से कुर्बानी की रस्म पूरी की गई। त्योहार पर गरीबों और जरूरतमंदों का विशेष ख्याल रखा गया। लोगों ने जकात (दान) बांटकर समाज के हर वर्ग के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
देर शाम तक घरों पर मेहमानों के आने-जाने, लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने और मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा, जिससे पूरे जिले में उल्लास का माहौल बना रहा।
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खुदा की बारगाह में सिर झुकाकर सभी ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए सामूहिक दुआएं मांगीं। नमाज मुकम्मल होते ही चारों तरफ ''बकरीद मुबारक'' की गूंज सुनाई देने लगी और लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर पर्व की बधाई दी।
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सुबह से ही त्योहार को लेकर समाज में खासा उत्साह देखा गया। आकर्षक ढंग से सजाई गईं शहर की नई और पुरानी ईदगाहों सहित ग्रामीण अंचलों की मस्जिदों में तय समय पर नमाज शुरू हुई। इस दौरान रंग-बिरंगे कुर्ते-पायजामे और टोपियां पहने नन्हे-मुन्ने बच्चे बड़ों के साथ ईदगाह पहुंचे, जो हर किसी के आकर्षण का केंद्र रहे।
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नमाज संपन्न होने के बाद लोग अपने घरों को लौटे, जहां पारंपरिक तरीके से कुर्बानी की रस्म पूरी की गई। त्योहार पर गरीबों और जरूरतमंदों का विशेष ख्याल रखा गया। लोगों ने जकात (दान) बांटकर समाज के हर वर्ग के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
देर शाम तक घरों पर मेहमानों के आने-जाने, लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने और मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा, जिससे पूरे जिले में उल्लास का माहौल बना रहा।