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Kasganj News: वेतन पुनरीक्षण और मानव संसाधन कमी के विरोध में दिया नोटिस
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कासगंज। जिला सहकारी बैंकों में मानव संसाधन की कमी और लंबित वेतन पुनरीक्षण के विरोध में कोऑपरेटिव बैंक्स स्टाफ एसोसिएशन (सीबीएसए) ने आंदोलन का नोटिस दिया है। संगठन ने बैंक प्रबंधन व सहकारिता विभाग से 15 अप्रैल तक समाधान मांगा है।
सीबीएसए के सह महामंत्री जितेंद्र पाल सिंह ने बताया, जिला बैंकों में 30 वर्षों से वेतन पुनरीक्षण लंबित है। अनियमित अंतिम वेतन पुनरीक्षण भी बड़ी समस्या है। कर्मचारियों को अवकाश के दिनों में भी काम करने को बाध्य किया जा रहा है। इन मुद्दों पर 15 अप्रैल से आंदोलनात्मक कार्यक्रम का वैधानिक नोटिस दिया गया है।
जितेंद्र पाल सिंह ने कहा, विगत पांच वर्षों से संगठन को आयुक्त व निबंधक से वार्ता का अवसर नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया, विभागीय अधिकारी राज्यमंत्री को भ्रामक जानकारी देकर कमजोरियां छुपा रहे हैं। इससे बैंक कर्मियों को शोषण व मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
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संगठन ने चेतावनी दी, यदि समाधान नहीं हुआ तो 22 मई को निबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन होगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश के सहकारी बैंक कर्मियों की सहभागिता संभव है। संगठन का उद्देश्य मानव संसाधन कमी, वेतन पुनरीक्षण और कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुनिश्चित करना है।
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सीबीएसए के सह महामंत्री जितेंद्र पाल सिंह ने बताया, जिला बैंकों में 30 वर्षों से वेतन पुनरीक्षण लंबित है। अनियमित अंतिम वेतन पुनरीक्षण भी बड़ी समस्या है। कर्मचारियों को अवकाश के दिनों में भी काम करने को बाध्य किया जा रहा है। इन मुद्दों पर 15 अप्रैल से आंदोलनात्मक कार्यक्रम का वैधानिक नोटिस दिया गया है।
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जितेंद्र पाल सिंह ने कहा, विगत पांच वर्षों से संगठन को आयुक्त व निबंधक से वार्ता का अवसर नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया, विभागीय अधिकारी राज्यमंत्री को भ्रामक जानकारी देकर कमजोरियां छुपा रहे हैं। इससे बैंक कर्मियों को शोषण व मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
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संगठन ने चेतावनी दी, यदि समाधान नहीं हुआ तो 22 मई को निबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन होगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश के सहकारी बैंक कर्मियों की सहभागिता संभव है। संगठन का उद्देश्य मानव संसाधन कमी, वेतन पुनरीक्षण और कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुनिश्चित करना है।