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Kasganj News: हाथों की अनदेखी बन सकती है बच्चों के लिए गंभीर बीमारी की वजह
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ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे
कासगंज। हाथों की सफाई में थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों को दस्त, पेट के संक्रमण और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों के खतरे में डाल सकती है। दूषित हाथों से भोजन करने या बार-बार मुंह-नाक छूने से रोगाणु आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
साबुन और साफ पानी से सही तरीके से हाथ धोने की सामान्य आदत इन खतरों को काफी हद तक कम कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हाथों की गंदगी हटाने के लिए बहते पानी और साबुन का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
हथेलियों, उंगलियों के बीच, अंगूठे और नाखूनों के आसपास कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह रगड़कर हाथ साफ करने चाहिए। खाना खाने से पहले, शौचालय के इस्तेमाल के बाद, खांसने-छींकने या पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथ धोना अनिवार्य है। बच्चों को स्कूल से लौटने और खेलने के बाद भी विशेष रूप से हाथ साफ करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
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वर्जन
प्रतिदिन 20 से 25 बच्चे दस्त और पेट के संक्रमण की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में इलाज के साथ-साथ अभिभावकों और बच्चों को हाथों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। - डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
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कासगंज। हाथों की सफाई में थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों को दस्त, पेट के संक्रमण और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों के खतरे में डाल सकती है। दूषित हाथों से भोजन करने या बार-बार मुंह-नाक छूने से रोगाणु आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
साबुन और साफ पानी से सही तरीके से हाथ धोने की सामान्य आदत इन खतरों को काफी हद तक कम कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हाथों की गंदगी हटाने के लिए बहते पानी और साबुन का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
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हथेलियों, उंगलियों के बीच, अंगूठे और नाखूनों के आसपास कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह रगड़कर हाथ साफ करने चाहिए। खाना खाने से पहले, शौचालय के इस्तेमाल के बाद, खांसने-छींकने या पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथ धोना अनिवार्य है। बच्चों को स्कूल से लौटने और खेलने के बाद भी विशेष रूप से हाथ साफ करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
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वर्जन
प्रतिदिन 20 से 25 बच्चे दस्त और पेट के संक्रमण की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में इलाज के साथ-साथ अभिभावकों और बच्चों को हाथों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। - डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस