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Kasganj News: चलती बाइक पर गिरा बंदर, शिक्षक घायल
Mon, 26 Oct 2026 11:20 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:20 PM IST
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फोटो 20- बंदर के हमले में घायल शिक्षक। वीडियो ग्रैब
सोरोंजी। तीर्थनगरी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों से लेकर बाहर से आने वाले श्रद्धालु तक बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। बंदर आए दिन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। बीते रोज मोहल्ला मढ़ई निवासी शिक्षक मयूरेश दुबे बंदर के हमले में घायल हो गए।
मयूरेश दुबे मोहल्ला दुबे से बाइक पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मोहल्ला बारु बाजार में एक बंदर उनकी चलती बाइक पर गिर पड़ा। इससे बाइक असंतुलित होकर गिर गई और वह घायल हो गए।
तीर्थपुरोहित अंशुल भारद्वाज का कहना है कि रात से लेकर सुबह तक सड़कों और गलियों में बंदरों का जमावड़ा रहता है। बंदर श्रद्धालुओं का सामान छीनकर ले जाते हैं। सामान छीनने में असफल होने पर कई बार उन्हें काटकर घायल कर देते हैं। बंदरों के आतंक से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। हरि की पौड़ी, परिक्रमा मार्ग, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और मंदिरों के आसपास भी बंदरों का जमावड़ा रहता है।
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बाजार में बंदर दुकानों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं। हथठेलों पर कूदकर सामान ले जाने से व्यापारी और छोटे दुकानदार परेशान हैं। लोगों की छतों पर लगे डिश एंटीना, एसी कंप्रेसर और पानी की टंकियों को भी बंदर नुकसान पहुंचाते हैं। आशीष कोठेवार, सुशील माहेश्वरी, प्रतीक शर्मा और अतुल भारद्वाज ने जिला प्रशासन से बंदरों को जल्द पकड़वाने की मांग की है।
- बंदरों की बढ़ती संख्या चिंतनीय है। बंदर हिंसक होते जा रहे हैं। बंदरों को शीघ्र वन विभाग को पत्र भेजकर पकड़वाया जाएगा। - रामेश्वर दयाल महेरे, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद सोरोंजी
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मयूरेश दुबे मोहल्ला दुबे से बाइक पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मोहल्ला बारु बाजार में एक बंदर उनकी चलती बाइक पर गिर पड़ा। इससे बाइक असंतुलित होकर गिर गई और वह घायल हो गए।
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तीर्थपुरोहित अंशुल भारद्वाज का कहना है कि रात से लेकर सुबह तक सड़कों और गलियों में बंदरों का जमावड़ा रहता है। बंदर श्रद्धालुओं का सामान छीनकर ले जाते हैं। सामान छीनने में असफल होने पर कई बार उन्हें काटकर घायल कर देते हैं। बंदरों के आतंक से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। हरि की पौड़ी, परिक्रमा मार्ग, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और मंदिरों के आसपास भी बंदरों का जमावड़ा रहता है।
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बाजार में बंदर दुकानों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं। हथठेलों पर कूदकर सामान ले जाने से व्यापारी और छोटे दुकानदार परेशान हैं। लोगों की छतों पर लगे डिश एंटीना, एसी कंप्रेसर और पानी की टंकियों को भी बंदर नुकसान पहुंचाते हैं। आशीष कोठेवार, सुशील माहेश्वरी, प्रतीक शर्मा और अतुल भारद्वाज ने जिला प्रशासन से बंदरों को जल्द पकड़वाने की मांग की है।
- बंदरों की बढ़ती संख्या चिंतनीय है। बंदर हिंसक होते जा रहे हैं। बंदरों को शीघ्र वन विभाग को पत्र भेजकर पकड़वाया जाएगा। - रामेश्वर दयाल महेरे, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद सोरोंजी