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Hathras Kand: सेवादार ही चला रहे बाबा का आश्रम... पिछले 12 साल से नहीं आए बाबा; ढाई साल से माताश्री भी न आईं
Sat, 06 Jul 2024 11:33 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 06 Jul 2024 11:33 AM IST
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आश्रम के गेट पर तैनात बाबा के गार्ड
- फोटो : संवाद
1999 में भोले बाबा ने पटियाली के बहादुर नगर में अपना आश्रम बनाया था, लेकिन पिछले 10-12 वर्षों से उनका आश्रम में प्रवास नहीं हुआ है। पिछले वर्ष वह ट्रस्ट की रजिस्ट्री के कार्य से कुछ देर के लिए पटियाली के रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे थे, लेकिन आश्रम में प्रवास नहीं किया। आश्रम सेवादारों के हवाले है और उनका महल भी सेवादारों की सुरक्षा में है।
भोले बाबा के भक्त पटियाली के आश्रम पर नियमित आते हैं और मत्था टेक कर मिट्टी और आश्रम के नलों का पानी ले जाते हैं। बाबा की उपस्थिति होना जरूरी नहीं है, लेकिन भक्तों की आश्रम में पहुंचने को लेकर अटूट श्रद्धा रहती है।
30 बीघा में बने बाबा के आश्रम और उनके महल की सुरक्षा व्यवस्था आश्रम में तैनात सेवादार ही संभालते हैं। आश्रम का गेट खुलता है, लेकिन महल के गेट पर ताला ही नजर आता है। बहादुर नगर के ब्रजपाल सिंह बताते हैं कि भोले बाबा करीब 12 वर्षों से यहां नहीं पहुंचे हैं।
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पिछले वर्ष वह ट्रस्ट की रजिस्ट्री के लिए आए थे, लेकिन आश्रम में नहीं रुक। दूसरे ग्रामीण रामसिंह का कहना है कि 10 से बाबा का आगमन नहीं हुआ है। सेवादार ही आश्रम की व्यवस्थाओं की देखरेख करते हैं। सेवादारों का प्रवास भी आश्रम में होता है। वहीं पर उनका खाना बनता है।
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भोले बाबा के भक्त पटियाली के आश्रम पर नियमित आते हैं और मत्था टेक कर मिट्टी और आश्रम के नलों का पानी ले जाते हैं। बाबा की उपस्थिति होना जरूरी नहीं है, लेकिन भक्तों की आश्रम में पहुंचने को लेकर अटूट श्रद्धा रहती है।
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30 बीघा में बने बाबा के आश्रम और उनके महल की सुरक्षा व्यवस्था आश्रम में तैनात सेवादार ही संभालते हैं। आश्रम का गेट खुलता है, लेकिन महल के गेट पर ताला ही नजर आता है। बहादुर नगर के ब्रजपाल सिंह बताते हैं कि भोले बाबा करीब 12 वर्षों से यहां नहीं पहुंचे हैं।
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पिछले वर्ष वह ट्रस्ट की रजिस्ट्री के लिए आए थे, लेकिन आश्रम में नहीं रुक। दूसरे ग्रामीण रामसिंह का कहना है कि 10 से बाबा का आगमन नहीं हुआ है। सेवादार ही आश्रम की व्यवस्थाओं की देखरेख करते हैं। सेवादारों का प्रवास भी आश्रम में होता है। वहीं पर उनका खाना बनता है।
ढाई साल से माताश्री भी नहीं आईं
भोले बाबा की पत्नी माताश्री का ढाई वर्ष पूर्व आश्रम में आगमन हुआ था। उसके बाद वह आश्रम में नहीं आई हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों में एक दो वर्ष के अंतराल पर उनका आवागमन आश्रम पर होता रहा है। ग्रामीण निरंजनलाल बताते हैं कि माताश्री का भी आना काफी समय से नहीं हुआ है। बाबा जी भी काफी वर्षों से नहीं पहुंचे हैं, लेकिन भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहता है।
भोले बाबा की पत्नी माताश्री का ढाई वर्ष पूर्व आश्रम में आगमन हुआ था। उसके बाद वह आश्रम में नहीं आई हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों में एक दो वर्ष के अंतराल पर उनका आवागमन आश्रम पर होता रहा है। ग्रामीण निरंजनलाल बताते हैं कि माताश्री का भी आना काफी समय से नहीं हुआ है। बाबा जी भी काफी वर्षों से नहीं पहुंचे हैं, लेकिन भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहता है।
आधी रात को आश्रम पर पुलिस का छापा, दो गाड़ियां ले गए साथ
बिछवां स्थित साकार विश्व हरि के आश्रम पर बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद पुलिस ने छापा मारा। लखनऊ नंबर के पुलिस वाहनों से पहुंची पुलिस एक घंटे तक आश्रम में रुकी। रात के दो बजे के करीब दो गाड़ियों को लेकर लौट गई। सूत्रों के अनुसार टीम लखनऊ और आगरा एसटीएफ की बताई जा रही है। जबकि जिले के अधिकारी कुछ भी न बताकर चुप्पी साधे हैं।
बिछवां स्थित साकार विश्व हरि के आश्रम पर बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद पुलिस ने छापा मारा। लखनऊ नंबर के पुलिस वाहनों से पहुंची पुलिस एक घंटे तक आश्रम में रुकी। रात के दो बजे के करीब दो गाड़ियों को लेकर लौट गई। सूत्रों के अनुसार टीम लखनऊ और आगरा एसटीएफ की बताई जा रही है। जबकि जिले के अधिकारी कुछ भी न बताकर चुप्पी साधे हैं।
हाथरस कांड के बाद साकार विश्व हरि कस्बा बिछवां स्थित अपने आश्रम पर प्रवास कर रहे हैं। इसको लेकर जिले का प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सुरक्षा के नाम पर दिनों दिन आश्रम के आसपास पुलिस की संख्या बढ़ती ही जा रही है। वहीं अनुयायी भी कभी पुलिस तो कभी मीडिया के लोगों से भिड़ रहे हैं।
आश्रम से चले जाने के लिए भी कह रहे हैं। खुद आश्रम के एक सेवादार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मंगलवार की दोपहर 3 बजे बाबा आश्रम में आए और तभी से बाहर नहीं आए हैं। वहीं पुलिस आश्रम के अंदर बाबा की मौजूदगी से इन्कार कर रही है।
इसके बाद भी सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह कस्बा बिछवां आए और यह बयान दिया कि वह तो मीडिया के बुलाने पर आए हैं। वह साकार हरि से मिलने के लिए नहीं आए हैं। बात करें बाबा के कई बीघा में बने लीला आश्रम की तो अब लखनऊ से भी आश्रम पर नजर रखी जा रही है। बृहस्पतिवार की रात जब सब लोग सो रहे थे। तभी आश्रम के बाहर लखनऊ नंबर के वाहन से सादा वर्दी में कुछ लोग अंदर के अंदर प्रवेश कर गए।
करीब एक घंटा बाद दो लग्जरी गाड़ियों को कब्जे में लेकर वहां से चले गए। लग्जरी वाहन साकार हरि के बताए जा रहे हैं। वहीं वाहनों को ले जाने वाले लोग आगरा और लखनऊ एसटीएफ के बताए गए हैं। इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हैं और न हीं जिले के अधिकारी इस मामले को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार हैं।
पुलिस टीम के भानपुरा जाने की भी हैं चर्चाएं
सूत्रों का दावा है कि एसटीएफ की टीम बिछवां स्थित साकार विश्व हरि के आश्रम पर जाने के बाद कुरावली के गांव भानपुरा भी गई थी। दरअसल गांव भानपुरा के निवासी बाबा के सेवादार रामलड़ैते यादव को पुलिस ने हाथरस में गिरफ्तार किया गया था। उसी से पूछताछ के बाद टीम गांव पहुंची थी। हालांकि गांव के लोग कुछ भी बताने से फिलहाल बच रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि एसटीएफ की टीम बिछवां स्थित साकार विश्व हरि के आश्रम पर जाने के बाद कुरावली के गांव भानपुरा भी गई थी। दरअसल गांव भानपुरा के निवासी बाबा के सेवादार रामलड़ैते यादव को पुलिस ने हाथरस में गिरफ्तार किया गया था। उसी से पूछताछ के बाद टीम गांव पहुंची थी। हालांकि गांव के लोग कुछ भी बताने से फिलहाल बच रहे हैं।