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Kasganj News: शिव-सिद्ध और रवि योग में मनेगी हरियाली तीज, बरसेगी शिव-शक्ति की कृपा
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कासगंज। हरियाली तीज इस बार कई शुभ योगों के संयोग के साथ मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पर्व पर शिव योग, सिद्ध योग और रवि योग के साथ अन्य विशेष योग भी बन रहे हैं। इन संयोगों को पर्व के लिए शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार हरियाली तीज अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख-शांति और खुशहाली की कामना से रखा जाने वाला पर्व है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने कठोर तपस्या और व्रत के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसलिए यह पर्व शिव-पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार शिव योग सुबह 7:09 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग शुरू होकर अगले दिन प्रात:काल तक प्रभावी रहेगा। रवि योग पूरे दिन और रात में रहेगा। इसके अलावा बुधादित्य योग, त्रिग्रही योग और हंस राजयोग का भी प्रभाव बताया गया है।
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ये हैं पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
प्रात: काल पूजा का शुभ मुहूर्त -सुबह 6:05 से 7:16 बजे तक
प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 6:38 से रात 8:51 बजे तक
राहुकाल सुबह 9:12 से 10:49 बजे तक रहेगा
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सोलह शृंगार कर करें शिव-पार्वती का पूजन
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल को साफ करें
घी का दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें
हरे वस्त्र, चूड़ियां और अन्य सोलह शृंगार कर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें।
मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर अथवा उनकी मूर्ति/चित्र के सामने पूजा की जा सकती है।
शिवजी का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक कर माता पार्वती को शृंगार सामग्री अर्पित करें।
बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, फूल, फल, चंदन और नैवेद्य अर्पित करने के बाद व्रत कथा पढ़कर आरती करें।
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ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार हरियाली तीज अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख-शांति और खुशहाली की कामना से रखा जाने वाला पर्व है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने कठोर तपस्या और व्रत के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसलिए यह पर्व शिव-पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है।
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ज्योतिषाचार्य के अनुसार शिव योग सुबह 7:09 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग शुरू होकर अगले दिन प्रात:काल तक प्रभावी रहेगा। रवि योग पूरे दिन और रात में रहेगा। इसके अलावा बुधादित्य योग, त्रिग्रही योग और हंस राजयोग का भी प्रभाव बताया गया है।
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ये हैं पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
प्रात: काल पूजा का शुभ मुहूर्त -सुबह 6:05 से 7:16 बजे तक
प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 6:38 से रात 8:51 बजे तक
राहुकाल सुबह 9:12 से 10:49 बजे तक रहेगा
सोलह शृंगार कर करें शिव-पार्वती का पूजन
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल को साफ करें
घी का दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें
हरे वस्त्र, चूड़ियां और अन्य सोलह शृंगार कर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें।
मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर अथवा उनकी मूर्ति/चित्र के सामने पूजा की जा सकती है।
शिवजी का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक कर माता पार्वती को शृंगार सामग्री अर्पित करें।
बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, फूल, फल, चंदन और नैवेद्य अर्पित करने के बाद व्रत कथा पढ़कर आरती करें।