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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   Financial hardship grounded her dreams... the police restored the daughter's smile.

Kasganj News: तंगहाली ने रोकी उड़ान..खाकी ने लौटाई बिटिया की मुस्कान

Sun, 11 Oct 2026 11:08 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 11:08 PM IST
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कासगंज।
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पिता की जी-तोड़ मेहनत के बाद भी चार बेटियों को पढ़ाई कराना मुश्किल हो गया। 16 साल की बड़ी बहन की पढ़ाई बंद होने की नौबत आई तो वह टूट गई। दुनियावी खतरों से अनजान किशोरी कुछ कर गुजरने का जज्बा मन में लेकर गाजीपुर में घर से निकलकर कासगंज पहुंच गई। यहां पुलिस की नजर पड़ी तो उसने पूरा वाकया बता दिया। तंगहाली की इस तस्वीर ने सख्त माने जाने वाले वर्दीधारियों को भी पिघला दिया। बच्ची की फीस भरने के लिए 60 हजार रुपये से ज्यादा जुटाए। इसके बाद बच्ची को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
घटना 9 अक्तूबर की है। बकौल पुलिस, कोतवाली सदर इलाके में रात करीब 8 बजे किशोरी सड़क पर घूम रही थी। कोतवाली पुलिस और मिशन शक्ति की टीम ने पूछताछ की तो उसने बताया कि स्कूल की फीस भरने को पैसा नहीं है। माता-पिता इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। व्यथित और गुस्से में थी। कुछ सूझ नहीं रहा था। कुछ काम करके पढ़ाई करना चाहती है। किशोरी ने अपना पता जलालाबाद, दुल्लापुर, गाजीपुर बताया।
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पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि बालिका की काउंसलिंग की गई। किशोरी ने बताया कि वह चार बहनें हैं। चारों स्कूल जाती हैं। वह कक्षा 11 में पढ़ती है। इस बार चारों बहनों की कुल 11,000 रुपये स्कूल फीस जमा होनी थी। उसकी फीस जमा नहीं हो पाई। स्कूल में नाम काटने को कह दिया। मां ने कहा कि कुछ दिन में इंतजाम कर देंगे। तुम स्कूल जाओ। वह परेशान थी। पिता खेतों में ट्रैक्टर चलाकर रोजाना 200 रुपये ही कमा पाते हैं। खेती भी नहीं है। मां ने कहा कि छोटी बहनों को पढ़ने दो, तुम हाईस्कूल कर चुकी हो। इस पर उसे पढ़ाई छूटने का सताया। व्यथित होकर घर से निकल पड़ी।
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बच्ची की बातें सुनकर पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गईं। कोतवाल सहित सभी पुलिसकर्मियों और कुछ मुअज्जिज लोगों की मदद से बालिका की मदद के लिए 60,200 रुपये की धनराशि जुटाई गई। गाजीपुर पुलिस की मदद से उसकी मां और भाई बेटी को लेने कासगंज पहुंचे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने धनराशि मां को सौंपी गई। कहा कि यह मदद बच्चियों की शिक्षा में बाधा न आने के उद्देश्य से दी गई है।


बच्चों को अकेला महसूस नहीं होने दें
पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों की समस्याओं को समझें, उनसे संवाद बनाए रखें। किसी भी कठिन परिस्थिति में उन्हें अकेला महसूस न होने दें। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार एवं समाज का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
-ओमप्रकाश सिंह, पुलिस अधीक्षक, कासगंज
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