{"_id":"69ceac61e4485c4c96022da8","slug":"dios-inquired-about-the-status-of-fees-books-and-uniforms-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-145626-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: फीस, किताबों और यूनिफॉर्म की स्थिति की डीआईओएस ने ली जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: फीस, किताबों और यूनिफॉर्म की स्थिति की डीआईओएस ने ली जानकारी
विज्ञापन
कासगंज। जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ला ने जनपद के तीन प्रमुख निजी विद्यालयों के निरीक्षण में फीस, किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर स्थिति संतोषजनक पाई। निरीक्षण के दौरान कहीं भी अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी का दबाव नहीं पाया गया, जिससे अभिभावकों को राहत मिली है।
निरीक्षण में सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल के प्रबंधन ने बताया कि यह सीबीएसई से मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान है, जहां कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों में तीन वर्षों तक कोई बदलाव नहीं किया जाता। अभिभावकों को किताबें, ड्रेस या कॉपी किसी भी दुकान से खरीदने की स्वतंत्रता दी गई है। फीस वृद्धि भी वर्ष 2018 के अधिनियम के अनुरूप की जाती है तथा केवल कंपोजिट फीस और परीक्षा शुल्क लिया जाता है।
विद्यालय में उपस्थित अभिभावकों ने भी पुष्टि की कि उन्हें किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाता। निरीक्षण के दौरान परिसर में कहीं भी किताबों या ड्रेस की बिक्री नहीं पाई गई।
विज्ञापन
सेमफोर्ड फ्यूचरिस्ट स्कूल नदरई के निरीक्षण में प्रबंधन ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू हैं। फीस वृद्धि शासन के नियमों के अनुसार की जा रही है और दोबारा प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता।
इसके अलावा सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल नदरई में भी निरीक्षण किया गया, जहां यूनिफॉर्म को स्थायी बताया गया और अभिभावकों को खरीदारी की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शुल्क वृद्धि शासन की ओर से निर्धारित सीमा के भीतर ही की जाती है। पुस्तक सूची व फीस विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध है। तीनों विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान कहीं भी परिसर के अंदर किताबों या यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं पाई गई।
विज्ञापन
निरीक्षण में सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल के प्रबंधन ने बताया कि यह सीबीएसई से मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान है, जहां कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों में तीन वर्षों तक कोई बदलाव नहीं किया जाता। अभिभावकों को किताबें, ड्रेस या कॉपी किसी भी दुकान से खरीदने की स्वतंत्रता दी गई है। फीस वृद्धि भी वर्ष 2018 के अधिनियम के अनुरूप की जाती है तथा केवल कंपोजिट फीस और परीक्षा शुल्क लिया जाता है।
विज्ञापन
विद्यालय में उपस्थित अभिभावकों ने भी पुष्टि की कि उन्हें किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाता। निरीक्षण के दौरान परिसर में कहीं भी किताबों या ड्रेस की बिक्री नहीं पाई गई।
विज्ञापन
सेमफोर्ड फ्यूचरिस्ट स्कूल नदरई के निरीक्षण में प्रबंधन ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू हैं। फीस वृद्धि शासन के नियमों के अनुसार की जा रही है और दोबारा प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता।
इसके अलावा सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल नदरई में भी निरीक्षण किया गया, जहां यूनिफॉर्म को स्थायी बताया गया और अभिभावकों को खरीदारी की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शुल्क वृद्धि शासन की ओर से निर्धारित सीमा के भीतर ही की जाती है। पुस्तक सूची व फीस विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध है। तीनों विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान कहीं भी परिसर के अंदर किताबों या यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं पाई गई।