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नाबालिग को अगवाकर बेचने का मामला: दोषी बेटे और खरीदार को सात-सात व मां को तीन वर्ष का कारावास

Sat, 04 Mar 2023 09:17 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 04 Mar 2023 09:17 PM IST
सार

कासगंज में कोर्ट ने नाबालिग को अगवा करके बेचने के मामले में मां-बेटे सहित तीन लोग दोषी पाए गए। कोर्ट ने दोषी बेटे और खरीदार को सात-सात वर्ष और मां तीन वर्ष की सजा सुनाई है।   

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court sentenced buyer including mother-son who kidnapped and sold minor in Kasganj they were found guilty
कोर्ट का फैसला - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के कासगंज में पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग को अगवा करके बेचने वाले मां-बेटे के साथ खरीदार को दोषी पाया। खरीदार पर दुष्कर्म का आरोप भी साबित हुआ। कोर्ट ने बेटे को सात साल व मां को तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही खरीदार को सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 2.15 लाख का जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो आदित्य चतुर्वेदी की कोर्ट में हुई। 

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सिकंदरपुर वैश्य के एक गांव में 3 अक्टूबर 2014 को चाकरुपर गांव निवासी भगवान देवी अपने पुत्र रामदास के साथ कपड़ा धुलवाने के लिए गई। आरोप है वह कपड़ा धुलाई करने वाली महिला की बेटी को म्यांऊ गांव बाजार कराने के बहाने ले गई। जब काफी देर तक बेटी घर वापस नहीं लौटी तो उसकी मां को चिंता हुई। वह भगवान देवी के घर पर पहुंची, लेकिन उसके घर पर ताला लगा मिला। इस मामले में जब पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला।

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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की

पीड़िता ने कोर्ट के सहारे रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस की जांच में संजय निवासी एका फिरोजाबाद का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने लगभग सवा साल बाद नाबालिग को बरामद की। इस बीच वह गर्भवती हो गई थी, उसने एक बेटी को जन्म दिया। पुलिस ने उसके बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजीव दरक ने मामले की पैरवी की।

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अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने रामदास और उसकी मां भगवान देवी को नाबालिग को बेचने का दोषी माना है। उसने 25 हजार रुपये में किशोरी को बेच दिया था। कोर्ट ने रामदास को धारा 363 में तीन साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना, 366 में पांच साल की सजा 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। 

सजा के साथ लगाया जुर्माना

साथ ही धारा 372 व 373 में सात-सात साल की सजा और 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि उसकी मां पर धारा 363 में एक साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना, 366 में तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 372 व 373 में तीन-तीन साल की सजा के साथ 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसी तरह से कोर्ट ने संजय को धारा 363 में तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना, 366 में पांच साल की सजा व 20 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 376 और पॉक्सो में सात-सात साल की सजा के साथ 30-30 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।

पुलिस ने निकाले नाम, कोर्ट ने माना दोषी

पुलिस ने अपनी विवेचना में मां-बेटे के नाम निकाल दिए। प्रकाश में आए संजय को दोषी मानते हुए आरोप पत्र दाखिल किया। लेकिन, कोर्ट ने पुलिस की जांच को न मानकर मां बेटे को तलब किया। कोर्ट ने दोनों को नाबालिग को अगवा कर बिक्री करने का दोषी माना।

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