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Kasganj News: रावण के पुत्र मेघनाद का पुतला दहन
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फोटो 22 - शहर के प्रभु पार्क में जलता मेघनाथ का पुतला। संवाद
कासगंज। शहर के नदरई गेट स्थित प्रभु पार्क में रामलीला मंचन के दौरान रामायण के प्रमुख प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। हनुमान जी के लंका से लौटने, समुद्र पर रामसेतु निर्माण, अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति के दृश्यों के साथ कुंभकरण वध और मेघनाथ वध का मंचन किया गया।
मेघनाथ का पुतला दहन होते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मंचन में हनुमान जी माता सीता की चूड़ामणि लेकर श्रीराम के पास पहुंचे और उन्हें लंका का हाल सुनाया। इसके बाद नल-नील द्वारा समुद्र पर सेतु निर्माण का दृश्य दिखाया गया।
अंगद ने रावण की सभा में पैर जमाकर उसे चुनौती दी और श्रीराम के चरणों में जाने की सीख दी। युद्ध के दौरान मेघनाथ के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने और हनुमान जी के संजीवनी बूटी के लिए पर्वत उठाकर लाने का प्रसंग भी दर्शाया गया। इसके बाद कुंभकरण और मेघनाथ के वध के दृश्यों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया।
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मेघनाथ का पुतला दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। कलाकारों के संवाद और युद्ध के जीवंत दृश्यों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल माराठा, महामंत्री अरविंद, कोषाध्यक्ष अमरीश वशिष्ठ, कार्यकारी अध्यक्ष अजय गुप्ता, कार्यकारी महामंत्री स्वयं माहेश्वरी, सुरेश मिश्रा, अंशुल गुप्ता, शिवकुमार भारद्वाज सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
रामलीला देखने के लिए हजारों लोगों के पहुंचने पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दर्शकों की आवाजाही और कार्यक्रम स्थल पर शांति बनाए रखने के इंतजाम किए गए।
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मेघनाथ का पुतला दहन होते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मंचन में हनुमान जी माता सीता की चूड़ामणि लेकर श्रीराम के पास पहुंचे और उन्हें लंका का हाल सुनाया। इसके बाद नल-नील द्वारा समुद्र पर सेतु निर्माण का दृश्य दिखाया गया।
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अंगद ने रावण की सभा में पैर जमाकर उसे चुनौती दी और श्रीराम के चरणों में जाने की सीख दी। युद्ध के दौरान मेघनाथ के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने और हनुमान जी के संजीवनी बूटी के लिए पर्वत उठाकर लाने का प्रसंग भी दर्शाया गया। इसके बाद कुंभकरण और मेघनाथ के वध के दृश्यों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया।
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मेघनाथ का पुतला दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। कलाकारों के संवाद और युद्ध के जीवंत दृश्यों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल माराठा, महामंत्री अरविंद, कोषाध्यक्ष अमरीश वशिष्ठ, कार्यकारी अध्यक्ष अजय गुप्ता, कार्यकारी महामंत्री स्वयं माहेश्वरी, सुरेश मिश्रा, अंशुल गुप्ता, शिवकुमार भारद्वाज सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
रामलीला देखने के लिए हजारों लोगों के पहुंचने पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दर्शकों की आवाजाही और कार्यक्रम स्थल पर शांति बनाए रखने के इंतजाम किए गए।