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UP: बहन की आनी थी बरात...दरवाजे पर पहुंची भाई की लाश, परिवार में मच गई चीखपुकार; दृश्य देखकर नहीं रुके आंसू
Sat, 22 Nov 2025 07:23 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 22 Nov 2025 07:23 PM IST
सार
बहन की डोली से पहले घर से भाई की अर्थी उठी तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। पांच माह की मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम पसर गया।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कासगंज में पटियाली के सिकंदरपुर वैश्य इलाके में शुक्रवार देर शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बहन की बरात आने से ठीक पहले हुए हादसे में भाई की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शादी की तैयारियों से गुलजार घर में कोहराम मच गया।
ग्राम राजा रिजोला निवासी प्रेमचंद्र मिश्रा की पुत्री शिखा की शनिवार को फर्रुखाबाद से बरात आनी थी। शुक्रवार शाम तक घर में भोजन और दावत का दौर चल रहा था। दावत समाप्त होने के बाद पूरी बेलने वाली मजदूर महिलाओं को पटियाली छोड़ने के लिए उनका पुत्र रामजी गांव का टेंपो लेकर गया। वापसी के दौरान ग्राम लधौली और नरेठी के बीच एक ट्रैक्टर से टेंपो की भिड़ंत हो गई।
हादसे में टेंपो चालक और रामजी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां रामजी की हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उपचार के लिए बाहर ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। जहां शनिवार को शिखा की डोली उठनी थी, वहां भाई की अर्थी उठ जाने से पूरा गांव गम में डूब गया।
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पांच माह की मासूम के सिर से उठा पिता का साया
मृतक रामजी का विवाह दो वर्ष पूर्व स्वाति से हुआ था। उनके परिवार में पांच माह की एक बेटी है। शुक्रवार रात हुए हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। उसकी पत्नी अपनी मासूम बिटिया को गोद में लिए बार-बार यही कहकर विलाप कर रही थी कि अब बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। उसके क्रंदन से आसपास मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
दूल्हे की जगह घर पहुंचा भाई का शव
शनिवार को जिस घर में बारात का स्वागत होना था वहां पोस्टमार्टम के बाद रामजी का शव पहुंचा। शव आते ही गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि किसी को कल्पना तक नहीं थी कि दूल्हे के स्वागत की तैयारियों के बीच शिखा के भाई की अर्थी घर आएगी।
हादसे में तीनों का नाम एक सुनकर स्तब्ध रह गए लोग
हादसे का एक विचित्र संयोग भी सामने आया। टेंपो लेकर महिलाओं को छोड़ने गए युवक का नाम रामजी, टेंपो चालक का नाम रामजी पुत्र शिवराम और जिस ट्रैक्टर से दुर्घटना हुई उसके चालक का नाम भी रामजी ही बताया गया। जब ग्रामीणों ने एक ही नाम तीन-तीन बार सुना तो सभी हैरान रह गए।
रामजी की मौत से दो बहनों की शादी टली पटियाली। ग्राम राजा रिजोला निवासी 25 वर्षीय रामजी की सड़क हादसे में मौत से परिवार सदमे में है। उसकी बहन शिखा की बारात शनिवार को आनी थी दूसरी तहेरी बहन सोनिका पुत्री मुनेंद्र की 25 नवंबर को बारात आनी थी। मौत के बाद परिवार ने दोनों बहनों की शादी टालने का निर्णय लिया। प्रधान सुनील सिंह गौड ने बताया कि दोनों बहनों की शादी टल गई है।
ये भी पढ़ें-UP: जीजा को फोन कर खूब रोईं सुप्रिया...बयां किया वो दर्द, जो अफ्रीकी देश कैमरून में उनको दिया जा रहा है
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ग्राम राजा रिजोला निवासी प्रेमचंद्र मिश्रा की पुत्री शिखा की शनिवार को फर्रुखाबाद से बरात आनी थी। शुक्रवार शाम तक घर में भोजन और दावत का दौर चल रहा था। दावत समाप्त होने के बाद पूरी बेलने वाली मजदूर महिलाओं को पटियाली छोड़ने के लिए उनका पुत्र रामजी गांव का टेंपो लेकर गया। वापसी के दौरान ग्राम लधौली और नरेठी के बीच एक ट्रैक्टर से टेंपो की भिड़ंत हो गई।
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हादसे में टेंपो चालक और रामजी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां रामजी की हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उपचार के लिए बाहर ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। जहां शनिवार को शिखा की डोली उठनी थी, वहां भाई की अर्थी उठ जाने से पूरा गांव गम में डूब गया।
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पांच माह की मासूम के सिर से उठा पिता का साया
मृतक रामजी का विवाह दो वर्ष पूर्व स्वाति से हुआ था। उनके परिवार में पांच माह की एक बेटी है। शुक्रवार रात हुए हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। उसकी पत्नी अपनी मासूम बिटिया को गोद में लिए बार-बार यही कहकर विलाप कर रही थी कि अब बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। उसके क्रंदन से आसपास मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
दूल्हे की जगह घर पहुंचा भाई का शव
शनिवार को जिस घर में बारात का स्वागत होना था वहां पोस्टमार्टम के बाद रामजी का शव पहुंचा। शव आते ही गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि किसी को कल्पना तक नहीं थी कि दूल्हे के स्वागत की तैयारियों के बीच शिखा के भाई की अर्थी घर आएगी।
हादसे में तीनों का नाम एक सुनकर स्तब्ध रह गए लोग
हादसे का एक विचित्र संयोग भी सामने आया। टेंपो लेकर महिलाओं को छोड़ने गए युवक का नाम रामजी, टेंपो चालक का नाम रामजी पुत्र शिवराम और जिस ट्रैक्टर से दुर्घटना हुई उसके चालक का नाम भी रामजी ही बताया गया। जब ग्रामीणों ने एक ही नाम तीन-तीन बार सुना तो सभी हैरान रह गए।
रामजी की मौत से दो बहनों की शादी टली पटियाली। ग्राम राजा रिजोला निवासी 25 वर्षीय रामजी की सड़क हादसे में मौत से परिवार सदमे में है। उसकी बहन शिखा की बारात शनिवार को आनी थी दूसरी तहेरी बहन सोनिका पुत्री मुनेंद्र की 25 नवंबर को बारात आनी थी। मौत के बाद परिवार ने दोनों बहनों की शादी टालने का निर्णय लिया। प्रधान सुनील सिंह गौड ने बताया कि दोनों बहनों की शादी टल गई है।
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