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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kasganj News ›   Arrangements made on paper, facilities missing on the ground

Kasganj News: कागजों में की व्यवस्था, जमीनी हकीकत में सुविधाएं नदारद

Sat, 25 Apr 2026 11:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 11:30 PM IST
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कासगंज। जिले में आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था की हकीकत जमीनी स्तर पर बेहद चिंताजनक है, जो कागजों पर दिख रहे मजबूत दावों के बिल्कुल विपरीत है। अस्पतालों में न तो पर्याप्त फार्मासिस्ट तैनात हैं और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकांश संस्थान किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिसके कारण मरीजों को लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के तहत कुल 11 अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि, इनमें से केवल नाै अस्पतालों में ही चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जबकि शेष दो अस्पताल सीमित संसाधनों के सहारे किसी तरह सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
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जिले के किसी भी आयुर्वेद अस्पताल में फार्मासिस्ट की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में, दवाओं के वितरण का पूरा कार्य सहायक स्टाफ के भरोसे चल रहा है। इससे मरीजों को कई बार आवश्यक दवाएं प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो उपचार प्रक्रिया को बाधित करता है।
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वहीं, वर्ष 2018 में कासगंज के एक अलग जनपद बनने के बावजूद, आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था अब भी एटा जनपद के माध्यम से संचालित हो रही है। इस कारण स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने, बजट आवंटन और संसाधनों की समय पर उपलब्धता में लगातार देरी हो रही है। इस प्रशासनिक विलंब का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
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ढांचागत सुविधाओं का अभाव
ढांचागत सुविधाओं के मामले में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। कुल 11 अस्पतालों में से केवल दो अस्पताल ही अपने स्वयं के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जबकि शेष नौ अस्पताल किराए के भवनों में चल रहे हैं। किराए के भवनों में संचालन के कारण न केवल सुविधाओं के विस्तार में बाधा आ रही है, बल्कि स्थायी और व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में भी रुकावट पैदा हो रही है।
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दवाओं की आपूर्ति में अनियमितता
दवाओं की आपूर्ति की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को मुख्य रूप से केवल सामान्य चूर्ण जैसी दवाएं ही उपलब्ध हो पाती हैं। आवश्यक दवाओं की आपूर्ति पिछले काफी समय से बाधित है, जिसके परिणामस्वरूप मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।




वर्जन
अस्पतालों के लिए दवाओं की डिमांड भेजी गई है। शीघ्र आपूर्ति मिलने की संभावना है। स्टाफ की भी डिमांड भेजी जा चुकी है। - मनोज कुमार सिंह, प्रभारी जिला आयुर्वेद अधिकारी
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