{"_id":"6acfca5ac1048e9f3603ca2d","slug":"allegations-not-proven-in-inquiry-acting-headmistress-reinstated-with-a-stern-warning-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-155564-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: जांच में आरोप साबित नहीं, कठोर चेतावनी के साथ बहाल हुईं प्रभारी प्रधानाध्यापिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: जांच में आरोप साबित नहीं, कठोर चेतावनी के साथ बहाल हुईं प्रभारी प्रधानाध्यापिका
विज्ञापन
कासगंज। मानव संपदा पोर्टल पर उपस्थिति लॉक करने में देरी के मामले में निलंबित की गईं उच्च प्राथमिक विद्यालय भिटौना की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शालिनी मिश्रा को विभाग ने बहाल कर दिया है। विभागीय जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए।
हालांकि, भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न होने की हिदायत देते हुए उन्हें कठोर चेतावनी भी दी गई है। बहाली के साथ निलंबन अवधि का वेतन देने का आदेश भी जारी किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 12 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, शालिनी मिश्रा पर मानव संपदा पोर्टल पर विद्यालय की उपस्थिति समय से लॉक नहीं करने का आरोप था।
इसके चलते विद्यालय के समस्त स्टाफ का वेतन जारी नहीं हो पाने की बात सामने आई थी। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी।
विज्ञापन
मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति गोयल को सौंपी गई थी। उन्होंने 19 सितंबर 2026 को जांच आख्या प्रस्तुत की। रिपोर्ट के परीक्षण के बाद विभाग ने आरोपों को प्रमाणित नहीं माना और अनुशासनात्मक कार्यवाही चेतावनी के साथ समाप्त करने का निर्णय लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में शिक्षिका की बहाली की गई है।
विज्ञापन
हालांकि, भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न होने की हिदायत देते हुए उन्हें कठोर चेतावनी भी दी गई है। बहाली के साथ निलंबन अवधि का वेतन देने का आदेश भी जारी किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 12 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, शालिनी मिश्रा पर मानव संपदा पोर्टल पर विद्यालय की उपस्थिति समय से लॉक नहीं करने का आरोप था।
विज्ञापन
इसके चलते विद्यालय के समस्त स्टाफ का वेतन जारी नहीं हो पाने की बात सामने आई थी। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी।
विज्ञापन
मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति गोयल को सौंपी गई थी। उन्होंने 19 सितंबर 2026 को जांच आख्या प्रस्तुत की। रिपोर्ट के परीक्षण के बाद विभाग ने आरोपों को प्रमाणित नहीं माना और अनुशासनात्मक कार्यवाही चेतावनी के साथ समाप्त करने का निर्णय लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में शिक्षिका की बहाली की गई है।