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Kasganj News: कार में दम घुटने से 3 साल की मासूम की मौत
Tue, 05 May 2026 12:42 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Tue, 05 May 2026 12:42 AM IST
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फोटो53मृतक मासूम बालिका गौरी का फाइल फोटो।
सोरोंजी। गांव बघेला पुख्ता में रविवार दोपहर खेल-खेल में कार के अंदर बंद हुई मासूम की दम घुटने से मौत हो गई। वह घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ कार में बैठकर खेल रही थी। बाकी बच्चे कार से उतर गए, लेकिन वह अंदर ही रह गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोकहैई। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव बघेला पुख्ता निवासी भानु प्रताप की पुत्री गौरी (3 वर्ष) रविवार को घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार की चाबी बच्चों के हाथ लग गई। रिमोट का बटन दबाकर बच्चों ने गाड़ी का दरवाजा खोल लिया और फिर उसमें बैठकर खेलने लगे। खेलने के बाद अन्य बच्चे तो कार से बाहर उतर आए, लेकिन मासूम गौरी किसी कारण वश कार के अंदर ही बंद रह गई।
काफी देर तक जब बेटी घर में दिखाई नहीं दी तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच बच्चों ने उसके कार में खेलने की बात बताई। परिजन ने तुरंत कार तक पहुंचे तो गौरी गाड़ी के अंदर बेहोश अवस्था में मिली। परिजन तुरंत ही उसे चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी दम घुटने से मौत हो चुकी थी। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतका के बाबा सोमवीर ने बताया कि कार की चाबी घर में ड्रेसिंग टेबल पर रखी हुई थी। परिवार के कुछ सदस्य सोरोंजी गए हुए थे, जबकि घर पर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। खेल के दौरान बच्चों ने चाबी उठाकर कार खोल ली। मासूम की मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया। मासूम की असमय मौत से सभी सदमे में हैं। परिजन ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव बघेला पुख्ता निवासी भानु प्रताप की पुत्री गौरी (3 वर्ष) रविवार को घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार की चाबी बच्चों के हाथ लग गई। रिमोट का बटन दबाकर बच्चों ने गाड़ी का दरवाजा खोल लिया और फिर उसमें बैठकर खेलने लगे। खेलने के बाद अन्य बच्चे तो कार से बाहर उतर आए, लेकिन मासूम गौरी किसी कारण वश कार के अंदर ही बंद रह गई।
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काफी देर तक जब बेटी घर में दिखाई नहीं दी तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच बच्चों ने उसके कार में खेलने की बात बताई। परिजन ने तुरंत कार तक पहुंचे तो गौरी गाड़ी के अंदर बेहोश अवस्था में मिली। परिजन तुरंत ही उसे चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी दम घुटने से मौत हो चुकी थी। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतका के बाबा सोमवीर ने बताया कि कार की चाबी घर में ड्रेसिंग टेबल पर रखी हुई थी। परिवार के कुछ सदस्य सोरोंजी गए हुए थे, जबकि घर पर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। खेल के दौरान बच्चों ने चाबी उठाकर कार खोल ली। मासूम की मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया। मासूम की असमय मौत से सभी सदमे में हैं। परिजन ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कर दिया।