युवक की गोली मारकर हत्या, बहन ने भागकर बचाई जान
फर्रुखाबादः मऊदरवाजा के गांव रसीदपुर निवासी संतोष शर्मा (38) रविवार दोपहर बाइक से हथियापुर बाजार गया था। उसके साथ उसकी बहन कृष्णा भी थी। बहन के अनुसार लौटते समय गांव के मोड़ पर पिंटू जाटव, उसके भाई रिंकू, आशिक और अनिल ने उन्हें घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से संतोष वही गिर पड़ा, जबकि जान बचाने के लिए वह भागी। गिरने के बाद हमलावरों ने संतोष पर हंसिया से भी कई वार किए। संतोष की हत्या करने के बाद हमलावर भाग निकले।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जांच कर परिजनों से ली जानकारी
कृष्णा ने घर जाकर भाई पर हमले की सूचना दी। भाई किशनपाल और परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। दिनदहाड़े हत्या की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी भुवनेश कुमार मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को सूचना दी। कुछ देर में ही एसपी मोहित गुप्ता, सीओ सिटी शरदचंद्र शर्मा भी पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जांच कर परिजनों से जानकारी ली।
किशनपाल ने पिंटू, रिंकू, आशिक, अनिल के खिलाफ तहरीर दी। उसने बताया कि संतोष का आरोपियों के घर आना जाना था और पैसों से भी उनकी मदद करता था। हमलावरों का शक था कि उनके परिवार की महिला से संतोष के अवैध संबंध हैं। इसलिए संतोष का घर आना हमलावरों को पसंद नहीं था। उन्होंने र्कई बार संतोष को घर आने से मना भी किया था। इस पर कहासुनी भी हुई थी। संतोष किराये पर एक ढाबा भी चलाता था, एक महीने पहले ही उसने काम बंद किया था। संतोष की अभी तक शादी नहीं हुई थी।
20 दिन पहले भी संतोष पर किया था फायर
20 दिन पहले भी संतोष पर किया था फायर
पुलिस की लापरवाही के कारण युवक की जान चली गई। 20 दिन पहले भी आरोपियों ने संतोष पर फायर झोंका था। शिकायत के बाद भी पुलिस ने उसमें कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी ने कड़ा रुख अपनाया और दरोगा को लाइन में जाने का आदेश दिया है।
रसीदपुर निवासी संतोष शर्मा से आए दिन पिंटू टकराता रहता था। 20 दिन पहले संतोष सुबह ट्रेन से कासगंज गया था। शाम को घर लौटते समय पिंटू के परिवार वालों ने उस पर फायर कर दिया था। इस हमले में संतोष बाल बाल बचा था। संतोष ने इसकी तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में ले लिया। दरअसल दूसरे पक्ष ने भी संतोष के खिलाफ तहरीर दे दी थी। पुलिस ने मामूली विवाद मान लिया और ठोस कार्रवाई नहीं की।
रविवार को संतोष की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे एसपी मोहित गुप्ता से परिजनों ने पुलिस की लापरवाही की शिकायत की। बहन कृष्णा ने एसपी को बताया कि दरोगा दिनेश कुमार मौके पर जांच करने गए थे, लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। एसपी ने दरोगा दिनेश कुमार से जवाब तलब किया। दरोगा कोई जवाब नहीं दे पाए। लापरवाही से खफा एसपी ने दरोगा से कहा कि तुरंत लाइन में आमद दर्ज कराओ। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही संतोष की हत्या हुई।