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युवती ने 19 साल लड़ी सम्मान की लड़ाई , दोषियों को सजा दिला अब मिला न्याय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 30 Nov 2018 03:35 AM IST
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कानपुर में सम्मान की लड़ाई लड़ रही एक युवती को 19 साल बाद न्याय मिल ही गया। उसके साथ छींटाकशी करने और विरोध पर गालीगलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के दोषियों को सत्र न्यायालय ने एक-एक साल कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 11-11 हजार रुपये का जुर्माना किया है। आईआईटी हॉस्टल में रहने वाली एक युवती के पिता ने कोहना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि तीन जून 1999 की दोपहर युवती विष्णुपुरी कॉलोनी स्थित गोविंद स्वीट हाउस से सामान लेने गई थी।
इस बीच, नगर महापालिका कॉलोनी कोहना निवासी सुरेश गुप्ता, राजन यादव और ज्ञान भदौरिया ने छींटाकशी की। विरोध पर गालीगलौज करते हुए मुंह पर मुक्का मार दिया। शिकायत पर जान से मारने की धमकी भी दी।
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मुकदमे के दौरान ज्ञान भदौरिया की मौत हो गई। वर्ष 2007 में कोर्ट में सुरेश और राजन के खिलाफ आरोप तय हो सके। इसके बाद न्यायिक कार्रवाई में सात साल लग गए और 12 नवंबर 2014 को महानगर मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट का फैसला आया।
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साथ ही 11-11 हजार रुपये का जुर्माना किया है। आईआईटी हॉस्टल में रहने वाली एक युवती के पिता ने कोहना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि तीन जून 1999 की दोपहर युवती विष्णुपुरी कॉलोनी स्थित गोविंद स्वीट हाउस से सामान लेने गई थी।
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इस बीच, नगर महापालिका कॉलोनी कोहना निवासी सुरेश गुप्ता, राजन यादव और ज्ञान भदौरिया ने छींटाकशी की। विरोध पर गालीगलौज करते हुए मुंह पर मुक्का मार दिया। शिकायत पर जान से मारने की धमकी भी दी।
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मुकदमे के दौरान ज्ञान भदौरिया की मौत हो गई। वर्ष 2007 में कोर्ट में सुरेश और राजन के खिलाफ आरोप तय हो सके। इसके बाद न्यायिक कार्रवाई में सात साल लग गए और 12 नवंबर 2014 को महानगर मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट का फैसला आया।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले से आहत किशोरी ने अपने सम्मान की लड़ाई जारी रखते हुए निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दाखिल कर दी।
मामले की सुनवाई एडीजे-12 ममता गुप्ता के यहां हुई। एडीजीसी आलोक अवस्थी ने बताया कि निचली कोर्ट के फैसले में कई खामियां थीं, जिन्हें सेशन कोर्ट में उजागर किया गया। सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर सेशन कोर्ट ने निचली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए दोनों दोषियों को सजा सुनाई।
मामले की सुनवाई एडीजे-12 ममता गुप्ता के यहां हुई। एडीजीसी आलोक अवस्थी ने बताया कि निचली कोर्ट के फैसले में कई खामियां थीं, जिन्हें सेशन कोर्ट में उजागर किया गया। सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर सेशन कोर्ट ने निचली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए दोनों दोषियों को सजा सुनाई।