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गुटका थूकने के चक्कर में युवक ने गवाई जान
टीम डिजिटल/अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 09 Sep 2016 07:44 PM IST
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डेमो पिक
- फोटो : google
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गुटखा थूकने में गुरुवार रात मोनू(18) की सूखे कुएं में गिरकर मौत हो गई। कुएं में जहरीली गैस होने के कारण शव निकालने में करीब चार घंटे लगे। घटना से परिजनों का हाल बेहाल रहा। मोनू बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जाफराबाद निवासी संतोष का बेटा था। वह मजदूरी करता था। भाई सोनू ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे मोनू शराब के नशे में घर आया था और घर के सामने बने कुएं के चबूतरे पर बैठा था।
उसी कुएं में गलारी पकड़ कर गुटखा थूकने लगा। तभी शरीर का संतुलन बिगड़ने से कुएं में गिर गया। हादसा देखकर वह और परिजन दौड़े। इसके बाद चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूखे कुएं में जहरीली गैस के चलते कोई भी गांव वाला भीतर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। गैस खत्म करने के लिए चूना, पानी, नीम की पत्तियां डाली गई। कुएं में लालटेन लटकाने से गैस होने का पता लगाया जाता रहा।
सूचना पर करीब दस बजे पुलिस पहुंची। पुलिस ने फायर बिग्रेड बुलाई। फायर कर्मियों की मदद से गैस खत्म होने के बाद ग्रामीण कुएं में उतरे। रस्सी से बांधकर मोनू को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी। मां ललिता देवी का बड़े बेटे की मौत से हाल बेहाल हो गया। वह दो भाइयों में बड़ा था। कोतवाल राजेश सिंह ने बताया कि भाई के बयान के आधार पर हादसा मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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उसी कुएं में गलारी पकड़ कर गुटखा थूकने लगा। तभी शरीर का संतुलन बिगड़ने से कुएं में गिर गया। हादसा देखकर वह और परिजन दौड़े। इसके बाद चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूखे कुएं में जहरीली गैस के चलते कोई भी गांव वाला भीतर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। गैस खत्म करने के लिए चूना, पानी, नीम की पत्तियां डाली गई। कुएं में लालटेन लटकाने से गैस होने का पता लगाया जाता रहा।
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सूचना पर करीब दस बजे पुलिस पहुंची। पुलिस ने फायर बिग्रेड बुलाई। फायर कर्मियों की मदद से गैस खत्म होने के बाद ग्रामीण कुएं में उतरे। रस्सी से बांधकर मोनू को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी। मां ललिता देवी का बड़े बेटे की मौत से हाल बेहाल हो गया। वह दो भाइयों में बड़ा था। कोतवाल राजेश सिंह ने बताया कि भाई के बयान के आधार पर हादसा मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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