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योगी ने विधानसभा में उठाई आवाज तो हरे हुए नीरज के परिजनों के घाव

Sun, 23 Aug 2020 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:27 AM IST
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yogee ne vidhaanasabha mein uthaee aavaaj to hare hue neeraj ke parijanon ke ghaav
नीरज मिश्रा (फाइल फोटो)। - फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कसाबा के भाजपा कार्यकर्ता नीरज मिश्रा हत्याकांड का मामला उठाया तो परिजनों के घाव हरे हो गए। नीरज की लाश की यादें उनके भाइयों के जेहन में ताजा हुईं तो रूह कांप गई। नीरज के परिजनों के चेहरे पर इस कदर खौफ छा गया कि उनकी जुबां कुछ देर के लिए खामोश हो गई।
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शनिवार को विधानसभा में मानसूत्र सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2004 में सपा के शासनकाल में हुए नीरज मिश्रा हत्याकांड को उठाया तो सभी के जेहन में उस समय की यादें ताजा हो गईं। नीरज मिश्रा के बड़े भाई व भाजपा के जिला उपाध्यक्ष मुनीष मिश्रा की आंखों से आंसू बहने लगे। वह बताते हैं कि भाई नीरज 2004 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्ष थे। मतदान के दिन पांच मई को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी व तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव से उनकी कहासुनी हो गई थी। छह मई को नीरज मिश्रा का ट्यूबवेल पर जाते समय अपहरण हो गया था।
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सात मई को नीरज मिश्रा की सिरकटी लाश मिली थी। नीरज के शरीर पर बर्बरता के निशानों को याद कर आज भी उनकी रूह कांप जाती है। नीरज मिश्रा हत्याकांड को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने संसद में उठाया था। इसके बाद से यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का केंद्र बना रहा। राजनीतिक रैलियों को संबोधित करने वाले नेता समाजवादी पार्टी को घेरने के लिए अक्सर इस मुद्दे को उठाते रहते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में नीरज मिश्रा हत्याकांड का जिक्र कर कइयों की भावनाओं को हवा दे दी है। एक बार फिर से परिजनों व क्षेत्रीय लोगों के जख्म हरे हो गए हैं। हालांकि इस हत्याकांड के पांच आरोपियों को सितंबर 2014 में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना दी थी। प्रदेश में साल 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद शासन स्तर से नीरज के बड़े भाई मुनीष मिश्रा को पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई है।
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