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यूपी: उफनाई यमुना ने बढ़ाई लोगों के दिल की धड़कन, किनारे बसे गांवों की फसलें डूबी
Thu, 12 Sep 2019 09:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 12 Sep 2019 09:44 PM IST
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यमुना उफनाई
- फोटो : अमर उजाला
औरैया के कोटा बैराज से चंबल में पानी छोड़े जाने के बाद उफनाई यमुना गुरुवार को खतरे के निशान 113 मीटर से डेढ़ मीटर दूर रह गई है। यमुना का पानी बढ़ने से नदी के किनारे बसे कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। गोहानीकलॉ संपर्क मार्ग पर रपटा पुल पर पानी भरने से आवाजाही बंद होने से वहां के स्कूल बंद रहे।
उधर, केंद्रीय जल आयोग की टीम यमुना के जलस्तर पर बराबर नजर रखे है। जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। बुधवार की सुबह यमुना का पानी बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद हर घंटे 10 से 12 सेमी की रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा। गुरुवार को भी जलस्तर का बढ़ना जारी रहा।
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उधर, केंद्रीय जल आयोग की टीम यमुना के जलस्तर पर बराबर नजर रखे है। जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। बुधवार की सुबह यमुना का पानी बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद हर घंटे 10 से 12 सेमी की रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा। गुरुवार को भी जलस्तर का बढ़ना जारी रहा।
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केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के मुताबिक गुरुवार को दोपहर तीन बजे 111.51, चार बजे 111.54, पांच बजे 111.57 व शाम छह बजे 111.60 मीटर पर जलस्तर पहुंच गया। फिलहाल यमुना का पानी खतरे के निशान 113 मीटर से मात्र डेढ़ मीटर दूर है।
अजीतमल में यमुना का चलस्तर लगातार बढ़ने से गोहानीकलॉ संपर्क मार्ग पर रपटा का पुल होने के चलते उस पर करीब छह फुट पानी भर गया, जिससे लोगों का निकलना बंद हो गया। अजीतमल में किनारे बसे गांव सिकरोड़ी, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज, ततारपुर, बबाईंन, नगला, भूरेपुर कला आदि गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई है।
गोहानीकलां गांव का संपर्क तहसील से टूट गया है। बाढ़ के हालात देख प्रशासन सतर्क हो गया है। यमुना के किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्व टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में नदी किनारे के गांव में डेरा डालने के निर्देश दिए गए हैं।
अजीतमल में यमुना का चलस्तर लगातार बढ़ने से गोहानीकलॉ संपर्क मार्ग पर रपटा का पुल होने के चलते उस पर करीब छह फुट पानी भर गया, जिससे लोगों का निकलना बंद हो गया। अजीतमल में किनारे बसे गांव सिकरोड़ी, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज, ततारपुर, बबाईंन, नगला, भूरेपुर कला आदि गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई है।
गोहानीकलां गांव का संपर्क तहसील से टूट गया है। बाढ़ के हालात देख प्रशासन सतर्क हो गया है। यमुना के किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्व टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में नदी किनारे के गांव में डेरा डालने के निर्देश दिए गए हैं।