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Kanpur News: विश्व पर्यटन दिवस...पर्यटकों के दिल में भी बस रहा अपना शहर, हर साल बढ़ रही संख्या
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कानपुर। कभी उद्योगों और कारखानों के लिए पहचाने जाने वाले मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट कानपुर की तस्वीर अब बदल रही है। गंगा की लहरें, बिठूर की विरासत, चिड़ियाघर की हरियाली और भीतरगांव के प्राचीन मंदिर शहर को पर्यटन की नई पहचान दे रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या इस बदलाव की कहानी कह रही है। शहर में आने वाले घरेलू सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद कानपुर की पर्यटन क्षमता को लेकर संभावनाएं बनी हुई हैं।
पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो घरेलू और विदेशी पर्यटकों को मिलाकर 2023 में कुल 29,85,735 पर्यटक शहर आए। 2024 में यह संख्या बढ़कर 42,69,245 और 2025 में 70,02,450 पहुंच गई।2026 में जनवरी से अगस्त तक ही कुल 42,49,092 पर्यटक कानपुर पहुंचे हैं। हालांकि चार माह के आंकड़े अभी बाकी हैं। इससे इस बार भी पिछले सालों से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
शहर में सैर-सपाटे के लिए गंगा बैराज तेजी से पसंदीदा जगह बना है। गंगा का विहंगम दृश्य और बोट क्लब की गतिविधियां शाम को यहां लोगों की मौजूदगी बढ़ाती हैं। बिठूर की पहचान इससे अलग रंग लिए हुए है। महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विरासत इसे धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है। कानपुर चिड़ियाघर यानी एलन फॉरेस्ट परिवारों और बच्चों को आकर्षित करता है। भीतरगांव के प्राचीन मंदिर धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार दे रहे हैं। पर्यटन बढ़ने से होटल और परिवहन कारोबार के साथ स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों और अन्य छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिल रहा है।
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वर्ष
घरेलू पर्यटक
विदेशी पर्यटक
2023
29,81,979
3,756
2024
42,64,911
4,334
2025
66,98,519
3,931
2026
42,46,147
2,945
नोट - 2026 के आंकड़े जनवरी से अगस्त तक के हैं।
शहर में हर वर्ष पर्यटकों की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक संदेश है। आने वाले समय में शहर के अन्य ऐतिहासिक धरोहरों का सुंदरीकरण कर पर्यटकों के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि यह रफ्तार आगे भी यूं ही बनी रहे। - नीलम गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी
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पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो घरेलू और विदेशी पर्यटकों को मिलाकर 2023 में कुल 29,85,735 पर्यटक शहर आए। 2024 में यह संख्या बढ़कर 42,69,245 और 2025 में 70,02,450 पहुंच गई।2026 में जनवरी से अगस्त तक ही कुल 42,49,092 पर्यटक कानपुर पहुंचे हैं। हालांकि चार माह के आंकड़े अभी बाकी हैं। इससे इस बार भी पिछले सालों से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
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शहर में सैर-सपाटे के लिए गंगा बैराज तेजी से पसंदीदा जगह बना है। गंगा का विहंगम दृश्य और बोट क्लब की गतिविधियां शाम को यहां लोगों की मौजूदगी बढ़ाती हैं। बिठूर की पहचान इससे अलग रंग लिए हुए है। महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विरासत इसे धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है। कानपुर चिड़ियाघर यानी एलन फॉरेस्ट परिवारों और बच्चों को आकर्षित करता है। भीतरगांव के प्राचीन मंदिर धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार दे रहे हैं। पर्यटन बढ़ने से होटल और परिवहन कारोबार के साथ स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों और अन्य छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिल रहा है।
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वर्ष
घरेलू पर्यटक
विदेशी पर्यटक
2023
29,81,979
3,756
2024
42,64,911
4,334
2025
66,98,519
3,931
2026
42,46,147
2,945
नोट - 2026 के आंकड़े जनवरी से अगस्त तक के हैं।
शहर में हर वर्ष पर्यटकों की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक संदेश है। आने वाले समय में शहर के अन्य ऐतिहासिक धरोहरों का सुंदरीकरण कर पर्यटकों के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि यह रफ्तार आगे भी यूं ही बनी रहे। - नीलम गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी