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Kanpur News: दोना-पत्तल बनाने का काम करेंगी समूह की महिलाएं, होंगी सशक्त
Mon, 29 Jun 2026 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 29 Jun 2026 01:04 AM IST
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कानपुर देहात। आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं छह महिलाओं को खादी ग्रामोद्योग की तरफ से निशुल्क दोना-पत्तल बनाने की मशीनें दी गई हैं। अब यह महिलाएं खुद का कारोबार कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकेंगी। साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग जिले के पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की करीब तीन लाख महिलाओं को समूह से जोड़ने के लिए अभियान चला रहा है। साथ ही समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।
आरसेटी प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि शासन और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से निशुल्क टूल किट्स वितरण योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के कारीगरों और महिलाओं को दोना-पत्तल बनाने की मशीनें दी जाती हैं। समूह की महिलाओं को दोना-पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। उनमें से छह ने खुद का कारोबार शुरू करने के लिए दोना पत्तल बनाने की मशीन के लिए आवेदन किया था। इनमें चार समूह से व दो बीपीएल कार्ड धारक हैं। आरसेटी निदेशक मंयक कटियार ने बताया कि शासन की योजना के तहत समूह की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने पर सीसीएल के तहत 1.5 लाख व सीएम उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग जिले के पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की करीब तीन लाख महिलाओं को समूह से जोड़ने के लिए अभियान चला रहा है। साथ ही समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।
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आरसेटी प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि शासन और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से निशुल्क टूल किट्स वितरण योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के कारीगरों और महिलाओं को दोना-पत्तल बनाने की मशीनें दी जाती हैं। समूह की महिलाओं को दोना-पत्तल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। उनमें से छह ने खुद का कारोबार शुरू करने के लिए दोना पत्तल बनाने की मशीन के लिए आवेदन किया था। इनमें चार समूह से व दो बीपीएल कार्ड धारक हैं। आरसेटी निदेशक मंयक कटियार ने बताया कि शासन की योजना के तहत समूह की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने पर सीसीएल के तहत 1.5 लाख व सीएम उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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