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कानपुर में शुरू हुई यूपी की पहली महिला शरिया अदालत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:10 AM IST
सार
- पहले दिन आए पांच मुस्लिम महिलाओं के मामले
- महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए होगी काउंसलिंग
- शरीअत की रोशन में सुलह से निपटाए जाएंगे मामले
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शरिया अदालत
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विस्तार
उत्तर प्रदेश की पहली महिला शरिया अदालत की शुरुआत कानपुर शहर से हुई। ‘मोहकमा शरिया दारुल कजा ख्वातीन कोर्ट’ के पहले दिन पांच मामले दर्ज हुए। इनमें पहला मामला कर्नलगंज क्षेत्र के पारिवारिक कलह का रहा है।
इस मौके पर महिला शहर काजी (शिया) डॉ. हिना जहीर और शहर काजी (सुन्नी) मारिया अफजल ने कहा कि शरिया अदालत में मामलों को शरीअत की रोशनी में सुलह से निपटाने के साथ महिलाओं की काउंसलिंग भी की जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बनें।
महिला शरिया अदालत पटकापुर स्थित नवाब साहब कंपाउंड में शुरू हुई है। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद डॉ. हिना जहीर ने कहा कि सबसे पहले जरूरी है कि मुस्लिम बेटियों के हक सुरक्षित हों।
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इस मौके पर महिला शहर काजी (शिया) डॉ. हिना जहीर और शहर काजी (सुन्नी) मारिया अफजल ने कहा कि शरिया अदालत में मामलों को शरीअत की रोशनी में सुलह से निपटाने के साथ महिलाओं की काउंसलिंग भी की जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बनें।
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महिला शरिया अदालत पटकापुर स्थित नवाब साहब कंपाउंड में शुरू हुई है। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद डॉ. हिना जहीर ने कहा कि सबसे पहले जरूरी है कि मुस्लिम बेटियों के हक सुरक्षित हों।
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शरिया अदालत
उन्होंने कहा कि बीवी अपने शौहर की चरण दासी नहीं है। शरीअत ने शौहर और बीवी को बराबर के अधिकार दिए हैं। औरतें अपने को दबा न समझें, अपने हक की लड़ाई लड़ें। इस्लाम औरतें की तालीम और काम करने के खिलाफ नहीं है। मामले शरीअत की रोशनी में आपसी सुलह से निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिलाएं मौलवियों के पास जाती हैं, वे जो चाहे बता देते हैं। महिलाएं खुद कुरान के प्रावधान जानें। औरत और मर्द दोनों का बराबर मकाम है। कुरान पाक में तो औरत (निशा) नाम से एक सूरह है, मर्द नाम की कोई सूरह नहीं।
शरिया अदालत के पहले दिन घरेलू झगड़े, संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह आदि के पांच मुकदमे आए। इस मौके पर मुस्लिम ख्वातीन बोर्ड की अध्यक्ष सैयदा तबस्सुम साहिबा, महिला शहर काजी (सुन्नी) मारिया अफजल, फरजाना, नूर बीबी, जेबा नूर, मुनव्वर सुल्ताना आदि रहीं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं मौलवियों के पास जाती हैं, वे जो चाहे बता देते हैं। महिलाएं खुद कुरान के प्रावधान जानें। औरत और मर्द दोनों का बराबर मकाम है। कुरान पाक में तो औरत (निशा) नाम से एक सूरह है, मर्द नाम की कोई सूरह नहीं।
शरिया अदालत के पहले दिन घरेलू झगड़े, संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह आदि के पांच मुकदमे आए। इस मौके पर मुस्लिम ख्वातीन बोर्ड की अध्यक्ष सैयदा तबस्सुम साहिबा, महिला शहर काजी (सुन्नी) मारिया अफजल, फरजाना, नूर बीबी, जेबा नूर, मुनव्वर सुल्ताना आदि रहीं।