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कानपुर: नौ मिनट में धोखा, तीन सालों से भटक रही विधवा, अब दर्ज हुई रिपोर्ट
Mon, 07 Jun 2021 04:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 07 Jun 2021 04:23 PM IST
सार
सावित्री खरे ने डीसीपी को बताया कि वह कम पढ़ी लिखी हैं, इसके लिए उन्होंने शुभम की मदद ली थी। पता नहीं था कि वह ही धोखेबाजी का शिकार हो जाएंगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में मदद के बहाने एक शातिर ने आवास विकास के बाबू की मिलीभगत से एक विधवा का प्लाट हड़प लिया। तीन साल से न्याय के लिए भटक रही महिला की शिकायत सुन डीसीपी पश्चिम संजीव त्यागी के आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने आवास विकास के बाबू इंद्र कुमार तिवारी, शुभम द्विवेदी, अमित कक्कड़ व विकास साहू के खिलाफ धोखाधड़ी, समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
बिधनू के जामू गांव निवासी सावित्री खरे के पति के नाम कई साल पहले आवास-विकास कल्याणपुर के अंबेडकरपुरम में 60 वर्ग गज का प्लाट आवंटित हुआ था। पति की मौत के बाद भी सावित्री प्लॉट की किस्तें चुकातीं रहीं। करीब चार लाख देने के बाद 26 मई 2018 को वह अपने परिचित पनकी के गंगागज निवासी शुभम द्विवेदी के साथ प्लॉट की रजिस्ट्री कराने आवास-विकास गईं।
आरोप है कि प्लॉट की रजिस्ट्री होने के बाद नौ मिनट बाद ही शुभम व उसके साथियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आवास विकास में कार्यरत बाबू इंद्र कुमार तिवारी की मिलीभगत से कई दस्तावेजों पर उनसे अंगूठे लगवा लिए। आठ महीने बाद पता चला कि उन दस्तावेजों के जरिए शुभम ने अपने नाम ही प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली थी।
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इसमें चकेरी निवासी अमित कक्कड़ व ग्वालटोली निवासी विकास साहू गवाह थे। उन्होंने चौकी से लेकर कल्याणपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। अब जाकर सुनवाई हुई है। सावित्री खरे ने डीसीपी को बताया कि वह कम पढ़ी लिखी हैं, इसके लिए उन्होंने शुभम की मदद ली थी। पता नहीं था कि वह ही धोखेबाजी का शिकार हो जाएंगी।
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बिधनू के जामू गांव निवासी सावित्री खरे के पति के नाम कई साल पहले आवास-विकास कल्याणपुर के अंबेडकरपुरम में 60 वर्ग गज का प्लाट आवंटित हुआ था। पति की मौत के बाद भी सावित्री प्लॉट की किस्तें चुकातीं रहीं। करीब चार लाख देने के बाद 26 मई 2018 को वह अपने परिचित पनकी के गंगागज निवासी शुभम द्विवेदी के साथ प्लॉट की रजिस्ट्री कराने आवास-विकास गईं।
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आरोप है कि प्लॉट की रजिस्ट्री होने के बाद नौ मिनट बाद ही शुभम व उसके साथियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आवास विकास में कार्यरत बाबू इंद्र कुमार तिवारी की मिलीभगत से कई दस्तावेजों पर उनसे अंगूठे लगवा लिए। आठ महीने बाद पता चला कि उन दस्तावेजों के जरिए शुभम ने अपने नाम ही प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली थी।
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इसमें चकेरी निवासी अमित कक्कड़ व ग्वालटोली निवासी विकास साहू गवाह थे। उन्होंने चौकी से लेकर कल्याणपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। अब जाकर सुनवाई हुई है। सावित्री खरे ने डीसीपी को बताया कि वह कम पढ़ी लिखी हैं, इसके लिए उन्होंने शुभम की मदद ली थी। पता नहीं था कि वह ही धोखेबाजी का शिकार हो जाएंगी।