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Kanpur News: एक क्लिक पर जान सकेंगे कहां अटका आय-जाति प्रमाण पत्र
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कानपुर। अब आय, जाति, निवास या हैसियत प्रमाण पत्र के लिए न तो दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही महीनों तक रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। पेंशन, किसान रजिस्ट्री, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से लेकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तक हर आवेदन की रिपोर्ट अब लेखपाल डैशबोर्ड पर ऑनलाइन दिखेगी। एक क्लिक में पता चलेगा कि फाइल कहां और किसके पास लंबित है।
डैशबोर्ड से साफ पता कि रिपोर्ट किस लेखपाल या अधिकारी के पास है, कितने दिन से लंबित है और निस्तारण की स्थिति क्या है। फरियादी घर बैठे भेजे गए लिंक से ऑनलाइन अपने आवेदन की पूरी जानकारी देख सकते हैं। प्रशासन ने डैशबोर्ड को हर दिन खोलना अनिवार्य कर दिया है ताकि तय समयसीमा में रिपोर्ट लग सके।
जिले की चार तहसील सदर, नरवल, घाटमपुर और बिल्हौर में कुल 274 लेखपाल तैनात हैं। कलक्ट्रेट और तहसीलों को मिलाकर प्रतिदिन करीब एक हजार शिकायतें पहुंचती हैं। लगभग 65 प्रतिशत शिकायतें किसी न किसी रूप में लेखपालों से जुड़ी रहती हैं। चाहे वह प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट हो या सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन का मामला। एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने बताया कि लेखपाल डैशबोर्ड से प्रमाण पत्रों और रिपोर्ट की मॉनिटरिंग आसान हो गई है। एक क्लिक पर यह पता चल जाता है कि रिपोर्ट कहां और किसके पास लंबित है।
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डैशबोर्ड से साफ पता कि रिपोर्ट किस लेखपाल या अधिकारी के पास है, कितने दिन से लंबित है और निस्तारण की स्थिति क्या है। फरियादी घर बैठे भेजे गए लिंक से ऑनलाइन अपने आवेदन की पूरी जानकारी देख सकते हैं। प्रशासन ने डैशबोर्ड को हर दिन खोलना अनिवार्य कर दिया है ताकि तय समयसीमा में रिपोर्ट लग सके।
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जिले की चार तहसील सदर, नरवल, घाटमपुर और बिल्हौर में कुल 274 लेखपाल तैनात हैं। कलक्ट्रेट और तहसीलों को मिलाकर प्रतिदिन करीब एक हजार शिकायतें पहुंचती हैं। लगभग 65 प्रतिशत शिकायतें किसी न किसी रूप में लेखपालों से जुड़ी रहती हैं। चाहे वह प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट हो या सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन का मामला। एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने बताया कि लेखपाल डैशबोर्ड से प्रमाण पत्रों और रिपोर्ट की मॉनिटरिंग आसान हो गई है। एक क्लिक पर यह पता चल जाता है कि रिपोर्ट कहां और किसके पास लंबित है।
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