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Kanpur News: सड़क हादसे में पत्नी की मौत, डेढ़ घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, पति ने भी दम तोड़ा
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कानपुर। गोविंदनगर थाना क्षेत्र के उद्योगकुंज साइट नंबर पांच पर शुक्रवार रात अज्ञात वाहन ने दबौली वेस्ट एमआईजी निवासी फैक्टरीकर्मी दंपती संतोष कुमार शुक्ला (48) और नीलम (45) को कुचल दिया। नीलम की मौके पर मौत हो गई जबकि गंभीर घायल संतोष एंबुलेंस के इंतजार में करीब डेढ़ घंटे तड़पते रहे। इसके बाद हैलट में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृत दंपती के बेटों का आरोप है कि यदि एंबुलेंस समय से पहुंच जाती तो पिता की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस अज्ञात वाहन का पता करने लगी है।
मूलरूप रूप से कन्नौज के औसेर गांव निवासी संतोष कुमार शुक्ला अपनी पत्नी नीलम, दो बेटों आशीष और अभिषेक के साथ बीते 30 सालों से दबौली में रह रहे थे। बेटों ने पुलिस को बताया कि पिता पनकी क्षेत्र स्थित इंक फैक्टरी में काम करते थे। मां ने भी करीब 15 दिन पहले ही एक फैक्टरी में काम शुरू किया था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे पिता फैक्टरी से निकलने के बाद मां को साइकिल से लेते हुए घर लौट रहे थे। पनकी उद्योग कुंज में केसा के पास तेज बारिश में अज्ञात वाहन ने दोनों को कुचल दिया। मां का सिर कुचल जाने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर घायल पिता तड़पते रहे।
पुलिस ने करीब 10.30 बजे पिता के मोबाइल फोन से उन लोगों को हादसे की जानकारी दी। वह लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सरकारी एंबुलेंस सेवा को कॉल कर दिया था। इसके बाद भी एंबुलेंस देर रात 12 बजे के बाद घटना स्थल पर पहुंच सकी। इस दौरान दोनों बेटे भी पिता को समय से अस्पताल पहुंचाने के लिए निजी वाहन चालकों से संपर्क करते रहे लेकिन कोई वाहन नहीं मिला।
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एंबुलेंस उन्हें करीब 12:30 बजे लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंची। बेटों का आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने भी इलाज में लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। कुछ देर बाद पिता को मृत घोषित कर दिया। बेटों के अनुसार यदि समय से पिता को इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। एक ही रात में माता-पिता दोनों को खोने के बाद बेटे बदहवास हो गए। गोविंदनगर इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि दंपती के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हादसा करने वाले वाहन का पता नहीं चल सका है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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एंबुलेंस की लापरवाही से पूर्व में भी जा चुकीं जानें
- 23 अप्रैल में महाराजपुर में लू के थपेड़ों के चलते बाइक से गश खाकर गिरे नरवल के मंधना निवासी मजदूर सुनील की 45 मिनट तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर मौत हो गई थी।
- 29 अप्रैल को नजफगढ़ गांव में जहरीला पदार्थ खाने से अचेत हुई चांदनी, उसकी बेटी पायल और ब्यूटी को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने एंबुलेंस को कई कॉल की लेकिन समय पर न पहुंचने के कारण तीनों की मौत हो गई।
- 29 जुलाई को नरवल क्षेत्र के मिराई मोड़ पर बेकाबू कार की टक्कर से अखरी गांव निवासी किसान रामकुमार और उनके भतीजे शिवनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। 40 मिनट तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर रामकुमार की मौत हो गई थी।
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मूलरूप रूप से कन्नौज के औसेर गांव निवासी संतोष कुमार शुक्ला अपनी पत्नी नीलम, दो बेटों आशीष और अभिषेक के साथ बीते 30 सालों से दबौली में रह रहे थे। बेटों ने पुलिस को बताया कि पिता पनकी क्षेत्र स्थित इंक फैक्टरी में काम करते थे। मां ने भी करीब 15 दिन पहले ही एक फैक्टरी में काम शुरू किया था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे पिता फैक्टरी से निकलने के बाद मां को साइकिल से लेते हुए घर लौट रहे थे। पनकी उद्योग कुंज में केसा के पास तेज बारिश में अज्ञात वाहन ने दोनों को कुचल दिया। मां का सिर कुचल जाने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर घायल पिता तड़पते रहे।
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पुलिस ने करीब 10.30 बजे पिता के मोबाइल फोन से उन लोगों को हादसे की जानकारी दी। वह लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सरकारी एंबुलेंस सेवा को कॉल कर दिया था। इसके बाद भी एंबुलेंस देर रात 12 बजे के बाद घटना स्थल पर पहुंच सकी। इस दौरान दोनों बेटे भी पिता को समय से अस्पताल पहुंचाने के लिए निजी वाहन चालकों से संपर्क करते रहे लेकिन कोई वाहन नहीं मिला।
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एंबुलेंस उन्हें करीब 12:30 बजे लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंची। बेटों का आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने भी इलाज में लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। कुछ देर बाद पिता को मृत घोषित कर दिया। बेटों के अनुसार यदि समय से पिता को इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती। एक ही रात में माता-पिता दोनों को खोने के बाद बेटे बदहवास हो गए। गोविंदनगर इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि दंपती के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हादसा करने वाले वाहन का पता नहीं चल सका है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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एंबुलेंस की लापरवाही से पूर्व में भी जा चुकीं जानें
- 23 अप्रैल में महाराजपुर में लू के थपेड़ों के चलते बाइक से गश खाकर गिरे नरवल के मंधना निवासी मजदूर सुनील की 45 मिनट तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर मौत हो गई थी।
- 29 अप्रैल को नजफगढ़ गांव में जहरीला पदार्थ खाने से अचेत हुई चांदनी, उसकी बेटी पायल और ब्यूटी को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने एंबुलेंस को कई कॉल की लेकिन समय पर न पहुंचने के कारण तीनों की मौत हो गई।
- 29 जुलाई को नरवल क्षेत्र के मिराई मोड़ पर बेकाबू कार की टक्कर से अखरी गांव निवासी किसान रामकुमार और उनके भतीजे शिवनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। 40 मिनट तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर रामकुमार की मौत हो गई थी।