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अफसरों के पद खाली, कौन करेगा जांच
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:16 AM IST
सार
-देश भर में आयकर अफसरों के 30 हजार पद खाली
-नोटबंदी के बाद 10 गुना बढ़ा काम, कई स्तर पर होनी है जांच
-आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ व आयकर कर्मचारी महासंघ ने उठाए सवाल
-प्रेसवार्ता कर कहा, वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार विभाग की मांगों पर नहीं दे रही ध्यान
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विस्तार
आयकर विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के खाली पदों को लेकर आयकर अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठन ने सरकार और वित्त मंत्रालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ व आयकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रहा है। संगठन की तरफ से कई पत्राचार करने के बाद भी उचित जवाब नहीं मिला। इस वजह से अब मीडिया के माध्यम से सरकार तक बात पहुंचाई जा रही है।
आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ (यूपी एवं उत्तराखंड यूनिट) के अध्यक्ष एके श्रीवास्तव व महासचिव अरविंद त्रिवेदी ने आयकर भवन में प्रेसवार्ता कर कहा कि देश भर में आयकर अधिकारियों के 30 हजार पद खाली हैं, जबकि नोट बंदी के बाद विभाग का काम 10 गुना तक बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में सरकार की मंशा के अनुरूप काम संभव नहीं है। विभाग के पास सूचनाएं हैं कि विभिन्न स्तर पर कालेधन को सफेद किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर नोटों का संग्रह भी हो रहा है। इसके अलावा जनधन, बचत और चालू खातों में निर्धारित रकम से अधिक जमा हो रहा है।
देखा जाए तो शहर में ही करीब पांच लाख लोग जांच के दायरे में हैं, जबकि जांच अधिकारी स्वीकृत पदों से बहुत कम हैं। वर्षों से विभाग में न तो पदोन्नति के जरिये पद भरे गए न ही नई भर्ती के जरिये। हालात ये हैं कि पहले से ही चिह्नित करदाताओं की ठीक से जांच संभव नहीं हो पा रही है। ऐसे में नोट बंदी के बाद अचानक कई गुना बढ़ा काम कैसे किया जाए। फील्ड में जांच करने के लिए पर्याप्त अफसर नहीं हैं। नोटिस जारी करके के लिए टाइपिस्ट और क्लर्क नहीं हैं। सरकार ने जल्द ही नई भर्तियां नहीं कीं तो कालेधन पर अंकुश लगाने का केंद्र सरकार का सपना साकार नहीं हो सकेगा।
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हड़ताल पर नहीं जाएंगे
पदाधिकारियों ने कहा कि रिक्त पदों के लिए सवाल उठाने का मतलब यह नहीं कि वे सरकार की मुहिम के साथ नहीं हैं, लेकिन सरकार धरातल पर विभाग की स्थिति नहीं समझ रही। वह हड़ताल पर जाने का विकल्प भी चुन सकते थे लेकिन यह उचित नहीं होगा। ऐसे समय में सरकार को विभाग के अफसरों की सख्त जरूरत है। वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे लेकिन विभाग के हित में मांगों को पूरा करवाने का हर संभव प्रयास करेंगे। इस दौरान संयुक्त सचिव राज गौरव, सहायक सचिव आरके सचान, एसके मुरैया, शरद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ (यूपी एवं उत्तराखंड यूनिट) के अध्यक्ष एके श्रीवास्तव व महासचिव अरविंद त्रिवेदी ने आयकर भवन में प्रेसवार्ता कर कहा कि देश भर में आयकर अधिकारियों के 30 हजार पद खाली हैं, जबकि नोट बंदी के बाद विभाग का काम 10 गुना तक बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में सरकार की मंशा के अनुरूप काम संभव नहीं है। विभाग के पास सूचनाएं हैं कि विभिन्न स्तर पर कालेधन को सफेद किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर नोटों का संग्रह भी हो रहा है। इसके अलावा जनधन, बचत और चालू खातों में निर्धारित रकम से अधिक जमा हो रहा है।
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देखा जाए तो शहर में ही करीब पांच लाख लोग जांच के दायरे में हैं, जबकि जांच अधिकारी स्वीकृत पदों से बहुत कम हैं। वर्षों से विभाग में न तो पदोन्नति के जरिये पद भरे गए न ही नई भर्ती के जरिये। हालात ये हैं कि पहले से ही चिह्नित करदाताओं की ठीक से जांच संभव नहीं हो पा रही है। ऐसे में नोट बंदी के बाद अचानक कई गुना बढ़ा काम कैसे किया जाए। फील्ड में जांच करने के लिए पर्याप्त अफसर नहीं हैं। नोटिस जारी करके के लिए टाइपिस्ट और क्लर्क नहीं हैं। सरकार ने जल्द ही नई भर्तियां नहीं कीं तो कालेधन पर अंकुश लगाने का केंद्र सरकार का सपना साकार नहीं हो सकेगा।
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हड़ताल पर नहीं जाएंगे
पदाधिकारियों ने कहा कि रिक्त पदों के लिए सवाल उठाने का मतलब यह नहीं कि वे सरकार की मुहिम के साथ नहीं हैं, लेकिन सरकार धरातल पर विभाग की स्थिति नहीं समझ रही। वह हड़ताल पर जाने का विकल्प भी चुन सकते थे लेकिन यह उचित नहीं होगा। ऐसे समय में सरकार को विभाग के अफसरों की सख्त जरूरत है। वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे लेकिन विभाग के हित में मांगों को पूरा करवाने का हर संभव प्रयास करेंगे। इस दौरान संयुक्त सचिव राज गौरव, सहायक सचिव आरके सचान, एसके मुरैया, शरद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।