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Kanpur News: आखिर कब दूधिया रोशनी से रोशन होगा आरओबी
Mon, 10 Mar 2025 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 10 Mar 2025 12:42 AM IST
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ठूंठ बने मार्ग प्रकाश के लिए लगे लोहे के पोल।
- फोटो : संवाद
रूरा। आरओबी पर तीन फरवरी से सफर की शुरुआत हो गई थी। अब मार्ग प्रकाश के लिए लाइटें लगाई जानी हैं। लोहे के पोल लगाने के बाद कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार इस काम की सुध नहीं ले रहे हैं। रात में अंधेरा रहता है। इससे वाहन सवारों को आवाजाही में परेशानी होती है। आरओबी कब दूधिया रोशन होगा अब ये सवाल लोग कर रहे हैं।
नगर में 40 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) बना है। 1 फरवरी को आरओबी पर डामरीकरण पूरा हो गया था। 2 फरवरी से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। पांच साल से अधिक समय में आरओबी का निर्माण पूरा हो सका। सफर की शुरुआत से लोगों को सहूलियत हुई। इधर आरओबी पर मार्ग प्रकाश का प्रबंध नहीं हो सका है। छुटे कार्याें को पूरा कराने में सेतु निगम के अफसर लापरवाही कर रहे हैं। दो माह पहले डाकघर की ओर पैदल राहगीरों के लिए सीढ़ियां बनाने के लिए खोदाई कराई गई थी। मगर यह काम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका है।
अब पैदल राहगीर या तो पुराने अंडरपास से निकलते हैं या फिर एक किमी लंबे आरओबी से होकर दूसरी ओर जाते हैं। रात में अंधेरा होने पर पैदल राहगीरों के साथ ही अन्य वाहन सवारों को भी परेशानी होती है। एक माह पहले कार्यदायी संस्था की ओर से लोहे के 46 पोल लगवाए गए। मगर वायरिंग नहीं हो सकी। पोलों की वेल्डिंग नहीं की गई है। ऐसे में आंधी आने पर पोल गिरने की आशंका से लोग डरे हैं।
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नगर के व्यापारी संजय द्विवेदी, विवेक ओमर व अंकित चौरसिया आदि ने बताया कि रात में आरओबी पर अंधेरा रहता है। इससे वाहनों की आवाजाही से खतरा बना रहता है। तेज रफ्तार वाहन निकलने पर साइकिल सवार या फिर बाइक सवार को सामने से आ रहा वाहन ठीक से नजर नहीं आता है। आरओबी पांच साल में पूरा हो सका। अब आखिर आरओबी कब दूधिया रोशन होगा। सेतु निगम के सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मार्ग प्रकाश कार्य सिग्नल विभाग की ओर से कराया जाना है। वार्ता कर जल्द की काम शुरू कराया जाएगा।
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नगर में 40 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) बना है। 1 फरवरी को आरओबी पर डामरीकरण पूरा हो गया था। 2 फरवरी से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। पांच साल से अधिक समय में आरओबी का निर्माण पूरा हो सका। सफर की शुरुआत से लोगों को सहूलियत हुई। इधर आरओबी पर मार्ग प्रकाश का प्रबंध नहीं हो सका है। छुटे कार्याें को पूरा कराने में सेतु निगम के अफसर लापरवाही कर रहे हैं। दो माह पहले डाकघर की ओर पैदल राहगीरों के लिए सीढ़ियां बनाने के लिए खोदाई कराई गई थी। मगर यह काम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका है।
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अब पैदल राहगीर या तो पुराने अंडरपास से निकलते हैं या फिर एक किमी लंबे आरओबी से होकर दूसरी ओर जाते हैं। रात में अंधेरा होने पर पैदल राहगीरों के साथ ही अन्य वाहन सवारों को भी परेशानी होती है। एक माह पहले कार्यदायी संस्था की ओर से लोहे के 46 पोल लगवाए गए। मगर वायरिंग नहीं हो सकी। पोलों की वेल्डिंग नहीं की गई है। ऐसे में आंधी आने पर पोल गिरने की आशंका से लोग डरे हैं।
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नगर के व्यापारी संजय द्विवेदी, विवेक ओमर व अंकित चौरसिया आदि ने बताया कि रात में आरओबी पर अंधेरा रहता है। इससे वाहनों की आवाजाही से खतरा बना रहता है। तेज रफ्तार वाहन निकलने पर साइकिल सवार या फिर बाइक सवार को सामने से आ रहा वाहन ठीक से नजर नहीं आता है। आरओबी पांच साल में पूरा हो सका। अब आखिर आरओबी कब दूधिया रोशन होगा। सेतु निगम के सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मार्ग प्रकाश कार्य सिग्नल विभाग की ओर से कराया जाना है। वार्ता कर जल्द की काम शुरू कराया जाएगा।