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क्रय केंद्रों पर धान के बोरे डंप, तौल प्रभावित
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अकबरपुर क्रय केंद्र के चबूतरे पर डंप धान।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। धान की सरकारी खरीद के हिसाब से उठान बेहद सुस्त है। धान क्रय केंद्रों पर 20 हजार मीट्रिक टन धान डंप है। इससे क्रय केंद्र फुल हो गए हैं। मिलों को भेजी गई धान खेप की अनलोडिंग में देरी भी एक वजह है। वहीं, क्रय केंद्रों पर स्थान की कमी से तौल प्रभावित हो रही है।
जिले में धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य एक लाख मीट्रिक टन है। बता दें कि यूपीएसएस के नौ क्रय केंद्रों पर खरीद बंद पड़ी है। ऐसे में अब केवल 47 क्रय केंद्रों पर खरीद सिमट गई है। इन्हीं क्रय केंद्रों पर किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। अकबरपुर में चबूतरा फुल हो गया है। अकबरपुर, राजपुर, डेरापुर और झींझक में भी खरीदी गई धान की खेप डंप है। जानकारों की मानें तो क्रय केंद्रों से धान की खेप मिलों तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार व ट्रांसपोर्टर लगाए गए हैं। धान लदे ट्रकों को मिलर्स अनलोड कराने में देरी करते हैं। इसकी वजह से दिक्कत बरकरार है।
अब तक जिले में 36682 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। यह लक्ष्य का 36.68 फीसदी है। क्रय केंद्रों से अब तक 16617 मीट्रिक टन धान की उठान हो सकी है। क्रय केंद्रों पर खरीदा गया 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान डंप है। खाद्य विभाग के आठ क्रय केंद्रों पर अब तक 15942 मीट्रिक धान की खरीद हुई है। इसमें से 3955 मीट्रिक धान की उठान हो सकी है। 11987 मीट्रिक टन धान क्रय केंद्रों पर डंप है। अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान की खेप डंप है।
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अकबरपुर उपमंडी क्रय केंद्र प्रभारी तोषकर झा ने बताया कि ट्रक कम उपलब्ध हो रहे हैं। बीच बीच में ट्रकों पर धान खेप मिल भेजी गई तो मिलर्स ने अनलोडिंग में देरी की। इससे ट्रांसपोर्टर व ठेकेदार परेशान होते हैं और तेजी से उठान नहीं हो पा रही है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि जिले में 13 मिलों पर सरकारी खरीद की धान भेजी जा रही है। सात ठेकेदार व छह ट्रांसपोर्टर तय हैं। नबीपुर, अकबरपुर, पुखरायां समेत अन्य मिलों में धान खेप भेजी जा रही है। जल्द ही क्रय केंद्रों से धान की उठान की कोशिश हो रही है। मिलों में ट्रकों की अनलोडिंग में देरी की दिक्कतों को भी दूर करने का प्रयास हो रहा है।
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जिले में धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य एक लाख मीट्रिक टन है। बता दें कि यूपीएसएस के नौ क्रय केंद्रों पर खरीद बंद पड़ी है। ऐसे में अब केवल 47 क्रय केंद्रों पर खरीद सिमट गई है। इन्हीं क्रय केंद्रों पर किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। अकबरपुर में चबूतरा फुल हो गया है। अकबरपुर, राजपुर, डेरापुर और झींझक में भी खरीदी गई धान की खेप डंप है। जानकारों की मानें तो क्रय केंद्रों से धान की खेप मिलों तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार व ट्रांसपोर्टर लगाए गए हैं। धान लदे ट्रकों को मिलर्स अनलोड कराने में देरी करते हैं। इसकी वजह से दिक्कत बरकरार है।
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अब तक जिले में 36682 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। यह लक्ष्य का 36.68 फीसदी है। क्रय केंद्रों से अब तक 16617 मीट्रिक टन धान की उठान हो सकी है। क्रय केंद्रों पर खरीदा गया 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान डंप है। खाद्य विभाग के आठ क्रय केंद्रों पर अब तक 15942 मीट्रिक धान की खरीद हुई है। इसमें से 3955 मीट्रिक धान की उठान हो सकी है। 11987 मीट्रिक टन धान क्रय केंद्रों पर डंप है। अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान की खेप डंप है।
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अकबरपुर उपमंडी क्रय केंद्र प्रभारी तोषकर झा ने बताया कि ट्रक कम उपलब्ध हो रहे हैं। बीच बीच में ट्रकों पर धान खेप मिल भेजी गई तो मिलर्स ने अनलोडिंग में देरी की। इससे ट्रांसपोर्टर व ठेकेदार परेशान होते हैं और तेजी से उठान नहीं हो पा रही है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि जिले में 13 मिलों पर सरकारी खरीद की धान भेजी जा रही है। सात ठेकेदार व छह ट्रांसपोर्टर तय हैं। नबीपुर, अकबरपुर, पुखरायां समेत अन्य मिलों में धान खेप भेजी जा रही है। जल्द ही क्रय केंद्रों से धान की उठान की कोशिश हो रही है। मिलों में ट्रकों की अनलोडिंग में देरी की दिक्कतों को भी दूर करने का प्रयास हो रहा है।