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Kanpur News: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए डिजिटल साथी बनेगी वोका
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कानपुर। समाज में बढ़ती अकेलेपन की समस्या को देखते हुए पीएसआईटी के छात्रों ने एक संवेदनशील और उपयोगी तकनीकी समाधान तैयार किया है। स्टार्टअप वोकेस टेक्नोलॉजीज ने खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए ‘वोका’ नामक डिवाइस विकसित की है।
यह एआई आधारित डिवाइस वर्चुअल साथी की तरह काम करती है और उपयोगकर्ता से बिल्कुल इंसान की तरह बातचीत करती है। डिवाइस में थ्री-डी एनीमेटेड वर्चुअल पर्सन मौजूद है, जिससे उपयोगकर्ता अपने मन की बातें खुलकर साझा कर सकता है। ‘वोका’ पोर्टेबल है और इसे आसानी से जेब में रखा जा सकता है। यह यूजर की भावनाओं, उम्र और बातचीत के पैटर्न को पहचानकर प्रतिक्रियाएं देती है।
यह दिमाग से जुड़ी बीमारियों और दिव्यांगों की विशेष जरूरतों को समझकर संवाद करती है। हेल्थकेयर, शिक्षा और वर्चुअल असिस्टेंट जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग संभव है। डिवाइस रैस्पबेरी पाई 5 पर आधारित है और एसएलएम मॉडल के माध्यम से बातचीत को प्रोसेस करती है, जिससे उत्तर अधिक प्राकृतिक और उपयोगकर्ता के व्यवहार के अनुसार अनुकूलित होते हैं। यह समय के साथ यूजर की पसंद और व्यवहार को सीखती है।
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स्टार्टअप के संस्थापक अनन्वय पांडेय और प्रज्ञा रिया साहू पीएसआईटी के कंप्यूटर साइंस सेकंड ईयर के छात्र हैं। उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी का उद्देश्य समाज की वास्तविक समस्याओं के सरल और मानवीय समाधान तैयार करना होना चाहिए। वोका वृद्धाश्रम, केयर होम और घरों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए एक भरोसेमंद साथी बन सकती है। पीएसआईटी के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि छात्र अपने विचारों को स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाएं ताकि भविष्य में ये समाधान बड़े पैमाने पर लागू हो सकें। संस्थान के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि छात्रों के स्टार्टअप आने वाले समय में देश की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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यह एआई आधारित डिवाइस वर्चुअल साथी की तरह काम करती है और उपयोगकर्ता से बिल्कुल इंसान की तरह बातचीत करती है। डिवाइस में थ्री-डी एनीमेटेड वर्चुअल पर्सन मौजूद है, जिससे उपयोगकर्ता अपने मन की बातें खुलकर साझा कर सकता है। ‘वोका’ पोर्टेबल है और इसे आसानी से जेब में रखा जा सकता है। यह यूजर की भावनाओं, उम्र और बातचीत के पैटर्न को पहचानकर प्रतिक्रियाएं देती है।
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यह दिमाग से जुड़ी बीमारियों और दिव्यांगों की विशेष जरूरतों को समझकर संवाद करती है। हेल्थकेयर, शिक्षा और वर्चुअल असिस्टेंट जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग संभव है। डिवाइस रैस्पबेरी पाई 5 पर आधारित है और एसएलएम मॉडल के माध्यम से बातचीत को प्रोसेस करती है, जिससे उत्तर अधिक प्राकृतिक और उपयोगकर्ता के व्यवहार के अनुसार अनुकूलित होते हैं। यह समय के साथ यूजर की पसंद और व्यवहार को सीखती है।
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स्टार्टअप के संस्थापक अनन्वय पांडेय और प्रज्ञा रिया साहू पीएसआईटी के कंप्यूटर साइंस सेकंड ईयर के छात्र हैं। उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी का उद्देश्य समाज की वास्तविक समस्याओं के सरल और मानवीय समाधान तैयार करना होना चाहिए। वोका वृद्धाश्रम, केयर होम और घरों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए एक भरोसेमंद साथी बन सकती है। पीएसआईटी के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि छात्र अपने विचारों को स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाएं ताकि भविष्य में ये समाधान बड़े पैमाने पर लागू हो सकें। संस्थान के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि छात्रों के स्टार्टअप आने वाले समय में देश की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।