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Kanpur News: चार दिन में बेकाबू हुआ वायरल बुखार, मेडिकल कॉलेज के वार्ड फुल
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फोटो 07::आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में वार्ड फुल होने पर गैलरी में बेड डालकर दिया जा रहा उपचार। संवाद
फोटो 08::ऊषा देवी। संवाद
फोटो 09::माया देवी। संवाद
रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे, गैलरी में बेड डलवाकर किया जा रहा इलाज
संख्या बढ़ने से स्किन विभाग समेत अन्य विभागों में भी भर्ती किए जा रहे बुखार के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/सैफई। मौसम में परिवर्तन के बाद जिले में वायरल बुखार बेकाबू होने लगा है। सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के बेड फुल हो गए हैं। हर दिन 100 से 150 मरीज पहुंच रहे है।
वायरल बुखार के मरीज बढ़ने से मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। बुखार कम से कम चार दिन रहता है। बुखार पीड़ित मरीजों के सिर, पैर और कमर में दर्द के साथ ही मांसपेशियों में जकड़न भी होती है।
उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मेडिसिन विभाग के वार्ड फुल होने की वजह से अन्य वार्डों के साथ-साथ गैलरी में अतिरिक्त बेडों का इंतजाम किया गया है। मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार व दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या कम हाेने का नाम नहीं ले रही है। बीते चार दिनों से आलम यह रहा कि विश्वविद्यालय में बुखार के मरीजों से 40-40 बेड के पुरुष एवं महिला वार्ड फुल हो गए।
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मरीजों को भर्ती कराने की मारामारी के दौरान स्किन विभाग सहित अन्य विभागों में बुखार के मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इसके साथ अस्पताल की ओर से मरीजों को भर्ती करने के लिए गैलरी में भी अतिरिक्त बेड डालने पड़े है, तब जाकर मरीजों का उपचार मिल पा रहा है।
वहीं वायरल बुखार के 250 मरीज ओपीडी वार्ड एवं इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में स्थित एमआईसीयू में भर्ती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले चार दिन से बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। समस्त बेड मरीजों से फुल होने और वार्ड में जगह न होने पर गैलरी में बेड डालकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।
वायरल बुखार के लक्षण
थकान और कमजोरी महसूस होना
शरीर का उच्च तापमान
ठंड लगाना और कंपकंपी होना
भूख कम लगना
मांसपेशियों में दर्द होना
ऐसे कर सकते हैं बचाव
ठंडी सामग्री, बाजार के भोजन, तले भोजन से बचें।
गुनगुना पानी पीएं, फल खाएं, पौष्टिक भोजन लें।
शिशुओं को खिलाने से पहले परिजन हाथों को साफ करें।
घर में रखी बुखार की दवा, सिरप बिना डाॅक्टरी परामर्श के न लें।
मरीजों की बात
1-मेडिकल कॉलेज में भर्ती इकदिल निवासी उषा देवी 27 ने बताया कि वह बीते तीन दिनों से वायरल की चपेट में है। गैलरी में बेड मिल है, इलाज समय से मिल रहा है, कोई दिक्कत नहीं है।
2- मैनपुरी निवासी माया देवी 70 ने बताया कि दो दिन से यहां पर आए हैं। भीड़ बहुत है, लेकिन बेड मिल गया है। इलाज सहीं मिले गैलरी में मिले या फिर वार्ड में। वह कई दिनों से बुखार की चपेट में है, डॉक्टरों ने वायरल बुखार बताया है।
वर्जन
चार-पांच दिन से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। प्रतिदिन 100 से 150 मरीज वायरल की चपेट वाले आ रहे है। वार्ड फुल होने से मरीजों को गैलरी में बेड डलवाकर भर्ती किया जा रहा है। उनकी समुचित देखभाल भी की जा रही है। मरीजों की संख्या कम होते ही गैलरी से मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।- प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार, एचओडी मेडिसिन विभाग
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फोटो 08::ऊषा देवी। संवाद
फोटो 09::माया देवी। संवाद
रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंच रहे, गैलरी में बेड डलवाकर किया जा रहा इलाज
संख्या बढ़ने से स्किन विभाग समेत अन्य विभागों में भी भर्ती किए जा रहे बुखार के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/सैफई। मौसम में परिवर्तन के बाद जिले में वायरल बुखार बेकाबू होने लगा है। सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के बेड फुल हो गए हैं। हर दिन 100 से 150 मरीज पहुंच रहे है।
वायरल बुखार के मरीज बढ़ने से मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। बुखार कम से कम चार दिन रहता है। बुखार पीड़ित मरीजों के सिर, पैर और कमर में दर्द के साथ ही मांसपेशियों में जकड़न भी होती है।
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उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मेडिसिन विभाग के वार्ड फुल होने की वजह से अन्य वार्डों के साथ-साथ गैलरी में अतिरिक्त बेडों का इंतजाम किया गया है। मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार व दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या कम हाेने का नाम नहीं ले रही है। बीते चार दिनों से आलम यह रहा कि विश्वविद्यालय में बुखार के मरीजों से 40-40 बेड के पुरुष एवं महिला वार्ड फुल हो गए।
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मरीजों को भर्ती कराने की मारामारी के दौरान स्किन विभाग सहित अन्य विभागों में बुखार के मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इसके साथ अस्पताल की ओर से मरीजों को भर्ती करने के लिए गैलरी में भी अतिरिक्त बेड डालने पड़े है, तब जाकर मरीजों का उपचार मिल पा रहा है।
वहीं वायरल बुखार के 250 मरीज ओपीडी वार्ड एवं इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में स्थित एमआईसीयू में भर्ती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले चार दिन से बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। समस्त बेड मरीजों से फुल होने और वार्ड में जगह न होने पर गैलरी में बेड डालकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।
वायरल बुखार के लक्षण
थकान और कमजोरी महसूस होना
शरीर का उच्च तापमान
ठंड लगाना और कंपकंपी होना
भूख कम लगना
मांसपेशियों में दर्द होना
ऐसे कर सकते हैं बचाव
ठंडी सामग्री, बाजार के भोजन, तले भोजन से बचें।
गुनगुना पानी पीएं, फल खाएं, पौष्टिक भोजन लें।
शिशुओं को खिलाने से पहले परिजन हाथों को साफ करें।
घर में रखी बुखार की दवा, सिरप बिना डाॅक्टरी परामर्श के न लें।
मरीजों की बात
1-मेडिकल कॉलेज में भर्ती इकदिल निवासी उषा देवी 27 ने बताया कि वह बीते तीन दिनों से वायरल की चपेट में है। गैलरी में बेड मिल है, इलाज समय से मिल रहा है, कोई दिक्कत नहीं है।
2- मैनपुरी निवासी माया देवी 70 ने बताया कि दो दिन से यहां पर आए हैं। भीड़ बहुत है, लेकिन बेड मिल गया है। इलाज सहीं मिले गैलरी में मिले या फिर वार्ड में। वह कई दिनों से बुखार की चपेट में है, डॉक्टरों ने वायरल बुखार बताया है।
वर्जन
चार-पांच दिन से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। प्रतिदिन 100 से 150 मरीज वायरल की चपेट वाले आ रहे है। वार्ड फुल होने से मरीजों को गैलरी में बेड डलवाकर भर्ती किया जा रहा है। उनकी समुचित देखभाल भी की जा रही है। मरीजों की संख्या कम होते ही गैलरी से मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।- प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार, एचओडी मेडिसिन विभाग