कानपुर के रावतपुर थाना इलाके के कृष्णापुरी रोशन नगर में डेढ़ साल से आयकर अधिकारी की लाश के घर पर रखने के मामले में नई-नई बातें सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, मृत विमलेश के इलाज के लिए परिवार वालों ने लाखों रुपये खर्च कर दिए। परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा।
करीबियों ने कुछ दिनों तक तो उनसे बातचीत की और फिर दूरी बनानी शुरू कर दी। परिवार पूरी तरह से अकेला पड़ चुका था। शायद यही वजह रही कि किसी को यह पता ही नहीं चला कि विमलेश की मौत हो चुकी और शव इतने समय से रखा हुआ है।
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भतीजियों के साथ विमलेश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि अब जब पूरा मामला उजागर हुआ तो उनके रिश्तेदार व करीबी घर पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार से हर तरफ इसी मामले की चर्चा है। खबरों के जरिये ही विमलेश के परिवार वालों को जानकारी हुई। क्योंकि अब तक वह भी विमलेश को जीवित मान रहे थे।
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मोहल्ले के लोग
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को कानपुर देहात के बनीपारा निवासी विमलेश के मामा मोती लाल व उनके परिवार वाले पहुंचे। इसी तरह कई और रिश्तेदारों ने भी विमलेश के परिजनों से संपर्क किया। वह सभी हैरत में पड़ गए। इन सभी विमलेश के परिवार वालों ने यही बता रखा था कि विमलेश कोमा में है, इलाज चल रहा है।
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पत्नी मिताली के साथ विमलेश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इस तरह मिले थे विमलेश और मिताली
परिजनों के मुताबिक विमलेश, मिताली को ट्यूशन पढ़ाता था। धीरे धीरे बातचीत शुरू हुई और फिर दोनों का प्रेम प्रसंग शुरू हुआ था। परिवार वाले शादी को राजी नहीं थे, फिर भी दोनों ने शादी की थी।
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income tax officer dead body
- फोटो : अमर उजाला
शादी में मिताली के परिवार वाले तक शामिल नहीं हुए थे। हालांकि बाद में समय बीतने के साथ ही दोनों परिवार मान गए थे। हालांकि, इस सनसनीखेज मामले के सामने आने पर रिश्तेदारों और करीबियों को भी विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसा क्यों हुआ।