{"_id":"5bf82a46bdec22416f23177e","slug":"village-panchayat-officer-found-hanging","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आंगन में लटका मिला पंचायत सचिव का शव, मौत छोड़ गई कई सवाल, उसके काम से गदगद रहते थे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगन में लटका मिला पंचायत सचिव का शव, मौत छोड़ गई कई सवाल, उसके काम से गदगद रहते थे अधिकारी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 23 Nov 2018 09:56 PM IST
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मृतक की फाइल फोटो, रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के उन्नाव जिले में मौरावां थानाक्षेत्र के नयागांव कोड़रा निवासी ग्राम पंचायत सचिव का शव उसके ही घर में फंदे से लटका मिला। घटना के समय वह घर पर अकेला था। माता-पिता और पत्नी लखनऊ स्थित आवास में थे। सुबह पड़ोसियों ने जब दरवाजा खुला देखा तब जानकारी हुई। ग्रामीणों ने घरवालों और पुलिस को सूचना दी।
थानाक्षेत्र के नयागांव कोड़रा निवासी जितेंद्र कुमार रावत (31) पुत्र बच्चूलाल की वर्ष 2017 में ग्राम्य विकास विभाग में पंचायत सचिव के पद पर नियुक्ति हुई थी। वह पुरवा ब्लाक में तैनात थे। पिता बच्चूलाल बीते अगस्त माह में समीक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह पत्नी चंद्रावती के साथ लखनऊ में रहते हैं।
जितेंद्र अपनी पत्नी पूनम और बेटी भूमि के साथ गांव में रह रहे थे। गुरुवार को पिता ने पूनम को पूजन के लिए लखनऊ बुला लिया था। यहां गांव जितेंद्र अकेला था। शुक्रवार सुबह काफी देर तक वह घर से बाहर नहीं निकला।
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इस पर पड़ोसी दरवाजे पर पहुंचे। दरवाजा बंद था पर अंदर से कुंडी नहीं लगी थी। लोगों ने भीतर देखा तो आंगन में पड़े लोहे के जाल में रस्सी से बने फंदे पर जितेंद्र लटका था। लोगों ने उसके पिता व पुलिस को सूचना दी। परिवार के लोग गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को उतरवाया। बेटे का शव देख मां चंद्रावती और पत्नी पूनम बदहवास हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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थानाक्षेत्र के नयागांव कोड़रा निवासी जितेंद्र कुमार रावत (31) पुत्र बच्चूलाल की वर्ष 2017 में ग्राम्य विकास विभाग में पंचायत सचिव के पद पर नियुक्ति हुई थी। वह पुरवा ब्लाक में तैनात थे। पिता बच्चूलाल बीते अगस्त माह में समीक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह पत्नी चंद्रावती के साथ लखनऊ में रहते हैं।
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जितेंद्र अपनी पत्नी पूनम और बेटी भूमि के साथ गांव में रह रहे थे। गुरुवार को पिता ने पूनम को पूजन के लिए लखनऊ बुला लिया था। यहां गांव जितेंद्र अकेला था। शुक्रवार सुबह काफी देर तक वह घर से बाहर नहीं निकला।
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इस पर पड़ोसी दरवाजे पर पहुंचे। दरवाजा बंद था पर अंदर से कुंडी नहीं लगी थी। लोगों ने भीतर देखा तो आंगन में पड़े लोहे के जाल में रस्सी से बने फंदे पर जितेंद्र लटका था। लोगों ने उसके पिता व पुलिस को सूचना दी। परिवार के लोग गांव पहुंचे। पुलिस ने शव को उतरवाया। बेटे का शव देख मां चंद्रावती और पत्नी पूनम बदहवास हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रजवाड़ा में शौचालय पूरे कराने की दी गई थी जिम्मेदारी
शोकाकुल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सीडीओ और डीआरआरओ के कहने पर जिला अस्पताल के दो डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉ. शोभित अग्निहोत्री व डॉ. राजीव गुप्ता शामिल रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत होने की बात सामने आई है।
एसओ मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं देखी है। सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जितेंद्र के पास पुरवा की लखमदेमऊ, मंशाखेड़ा और महरामऊ ग्राम पंचायतों का प्रभार था।
एसओ मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं देखी है। सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जितेंद्र के पास पुरवा की लखमदेमऊ, मंशाखेड़ा और महरामऊ ग्राम पंचायतों का प्रभार था।
सचिवों ने ताली बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया था...
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
उसने ब्लाक क्षेत्र में सबसे तेज अपनी गांव पंचायतों में शौचालयों का निर्माण पूरा कराया था। एक बैठक में सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने मामले की जानकारी होने पर उसकी पीठ थपथपाई थी तो अन्य सचिवों ने ताली बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया था।
इस पर उसे मौरावां की पंचायत रजवाड़ा में शौचालय निर्माण का काम पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि गुरुवार को वह उनसे मिला था। उस दौरान उसके चेहरे पर कोई तनाव नहीं दिखा था। मामले की जानकारी होने पर डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचे। डीपीआरओ पहले उसके घर भी गए। वहां पर उन्होंने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी।
इस पर उसे मौरावां की पंचायत रजवाड़ा में शौचालय निर्माण का काम पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि गुरुवार को वह उनसे मिला था। उस दौरान उसके चेहरे पर कोई तनाव नहीं दिखा था। मामले की जानकारी होने पर डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचे। डीपीआरओ पहले उसके घर भी गए। वहां पर उन्होंने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी।