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ये कैसा चमत्कार, 40 साल बाद फिर ज़िंदा हो गई विलाषा

Tue, 27 Dec 2016 03:04 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 27 Dec 2016 03:04 PM IST
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vilasha returned alive die before 40 years!
मरकर जिंदा हुई विलाषा - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कोई इंसान मरने के बाद कैसे जिंदा हो सकता है..? 40 साल पहले मौत के मुंह में समाई एक महिला जीवित होकर वापस लौटी तो सबके जहन में यही सवाल दौड़ने लगा... 
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तकरीबन 40 साल पहले एक 32 वर्षीय महिला की सांप के काटने पर मौत हो गई थी। महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब वही महिला अचानक अपने घर वापस लौट आई है। इस पर पूरा परिवार अचंभित है। गांव वालों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा।
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40 साल पहले विलाषा के हाथ में सांप काटने पर हुई थी मौत

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विलाषा की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
घाटमपुर ब्लाक पतारा ग्राम तेनापुर निवासी विलाषा (72) पुत्री गंगादीन की पहली शादी धीरपुर सरईय्या के छेद्दू से हुई थी। दो बच्चे रामकुमारी और लड़का मुन्नीलाल पैदा हुए। इसके बाद गृहस्थ जीवन ठीक नहीं चला। दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। इसलिए पति-पत्नी अलग हो गए।

कुछ समय बाद विलाषा की दूसरी शादी करा दी गई। कानपुर के बिधनू के इनायतपुर मझावन निवासी कल्लू कुरील से शादी के बाद विलाषा ने चार बच्चे धर्मवीर, धर्मपाल व दो लड़कियां राजरानी और ननकी को जन्म दिया।  

यहीं इनायतपुर में तकरीबन 40 साल पहले विलाषा के हाथ में सांप काट लिया। उस समय इलाज के अभाव में उसे झाड़फूंक वाले के पास ले जाया गया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिवार वालों और गांव के चेतराम,बिखारीलाल और छोटेलाल को भी यही लगा।




 

 

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अपने परिवार के साथ बैठी विलाषा - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
इसके बाद गांव के लोग महिला को अंतिम संस्कार के लिए जाजमऊ ले गए। वहां महिला के शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया। पहले मृत शव को जलाने की जगह गंगा में प्रवाहित करने की प्रथा थी।

इस दौरान विलाषा को इलाहबाद के आसपास किसी मल्लाह ने नदी से बाहर निकाल लिया। विलाषा की सांसे चल रही थी। बाद में मल्लाह ने उसे घाट के करीब मंदिर में छोड़ दिया। विलाषा मंदिर में ही रहने लगी।

​इसके बाद कन्नौज के छिबरामऊ में सरायखेतू गांव के रामशरण का आता रहता था। उसने कई बार विलाषा को वहां देखा। फिर एक दिन रामशरण ने विलाषा की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया। उसने विलाषा का सहारा बनने की बात कही और विलाषा को अपने साथ ले गया। दोनों तकरीबन 30-35 साल साथ रहे।  

 
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विलाषा को जिंदा देख सब हैरान

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विलाषा के साथ परिवार - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
अब कन्नौज के छिबरामऊ गांव की ही एक लड़की धीरपुर सरईय्या में ब्याही गई। शादी के बाद लड़की मवाने के लिए अपने घर वापस आई तो विलाषा ने नवविवाहिता लड़की को अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि उसकी पहली शादी धीरपुर सरईय्या में ही हुई थी। लड़की जब अपने ससुराल वापस गई तो उसने पूछताछ की। विलाषा की शादी की बात सच निकली।

अब जब विलाषा को यह बात मालूम पड़ी कि गांव में अब भी उसके परिचित हैं, तो उससे रहा नहीं गया। वह अपने गांव अपने घर जा पहुंची। विलाषा को जिंदा देख पूरा गांव हैरान रह गया।   
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