{"_id":"5f88532e6825be1e684fc0e3","slug":"video-taken-by-bribe-of-registrar-kanungo-goes-viral","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इटावा: रजिस्ट्रार कानूनगो का घूस लेते वीडियो वायरल, भाजपा नेता बोले- मामले की शिकायत सीएम से करेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इटावा: रजिस्ट्रार कानूनगो का घूस लेते वीडियो वायरल, भाजपा नेता बोले- मामले की शिकायत सीएम से करेंगे
Thu, 15 Oct 2020 07:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 15 Oct 2020 07:21 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा जिले में भाजपा सेक्टर प्रभारी के पिता से घूस लेने संबंधी रजिस्टार कानूनगो का वीडियो वायरल हुआ है। अब तक कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा सेक्टर प्रभारी ने मामले की शिकायत प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री से करने की भी बात कही है।
इधर, एसडीएम का कहना है कि उन्होंने अभी तक वीडियो नहीं देखा है। तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो सुखवीर चौधरी पर समथर गांव की भूमि के मामले में रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो स्वयं भाजपा के सेक्टर प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह ने बनाया है।
भाजपा सेक्टर प्रभारी ने बताया कि उनके निवाड़ीकला निवासी रिश्तेदार संदीप सिंह ने समथर में भूमि खरीदी है। उसी जमीन को लेकर तत्कालीन तहसीलदार श्रीराम यादव ने दाखिल खारिज का आदेश दिया था। रजिस्ट्रार कानूनगो सुखवीर चौधरी ने रिश्वत के रूप में एक प्रतिशत कमीशन बीस हजार रुपये की मांग की।
विज्ञापन
जब वे तैयार नहीं हुए तो काम को लेकर बहानेबाजी करने लगे। भाजपा सेक्टर प्रभारी ने बताया कि उनके पिता गढ़िया निवासी कलक्टर सिंह ने 16000 रुपये दे दिए। रजिस्ट्रार कानूनगो बाकी के चार हजार रुपये भी मांग रहे थे। इसका वीडियो बना लिया।
विज्ञापन
इधर, एसडीएम का कहना है कि उन्होंने अभी तक वीडियो नहीं देखा है। तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो सुखवीर चौधरी पर समथर गांव की भूमि के मामले में रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो स्वयं भाजपा के सेक्टर प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह ने बनाया है।
विज्ञापन
भाजपा सेक्टर प्रभारी ने बताया कि उनके निवाड़ीकला निवासी रिश्तेदार संदीप सिंह ने समथर में भूमि खरीदी है। उसी जमीन को लेकर तत्कालीन तहसीलदार श्रीराम यादव ने दाखिल खारिज का आदेश दिया था। रजिस्ट्रार कानूनगो सुखवीर चौधरी ने रिश्वत के रूप में एक प्रतिशत कमीशन बीस हजार रुपये की मांग की।
विज्ञापन
जब वे तैयार नहीं हुए तो काम को लेकर बहानेबाजी करने लगे। भाजपा सेक्टर प्रभारी ने बताया कि उनके पिता गढ़िया निवासी कलक्टर सिंह ने 16000 रुपये दे दिए। रजिस्ट्रार कानूनगो बाकी के चार हजार रुपये भी मांग रहे थे। इसका वीडियो बना लिया।
वहीं वीडियो वायरल होने के बाद तहसील कार्यालय में सनसनी फैली है। भाजपा सेक्टर प्रभारी का कहना है कि सरेआम कार्यालय में बैठकर रिश्वत ली गई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
इधर, रजिस्टार कानूनगो सुखवीर चौधरी का कहना है कि उनके विरुद्ध साजिश की गई है। तहसीलदार ताखा जगदीश सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो मिला है। इसकी जांच कराई जाएगी। उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश का कहना है कि वायरल वीडियो उन्होंने अभी देखा नहीं है।
क्या है वायरल वीडियो में
सात मिनट के वीडियो में भाजपा के सेक्टर प्रभारी अपने पिता के साथ तहसील कार्यालय में प्रवेश करते हैं। भूमि संबंधित फाइल निकाली जाती है। बात होती है पहले दो हजार रुपये दिए जाते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो सुखवीर सिंह और रुपये मांगते हैं। काफी जद्दोजेहद के बाद दो हजार रुपये और दिए जाते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो दो सौ रुपये आदेश टाइपिस्ट के लिए मांगते हैं, तब सेक्टर प्रभारी मना कर देते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो फिर से कहते हैं तब वे पांच सौ रुपये के फुटकर मांगते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो फुटकर देकर दो सौ रुपये टाइपिस्ट के लिए भी ले लिए जाते हैं।
इधर, रजिस्टार कानूनगो सुखवीर चौधरी का कहना है कि उनके विरुद्ध साजिश की गई है। तहसीलदार ताखा जगदीश सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो मिला है। इसकी जांच कराई जाएगी। उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश का कहना है कि वायरल वीडियो उन्होंने अभी देखा नहीं है।
क्या है वायरल वीडियो में
सात मिनट के वीडियो में भाजपा के सेक्टर प्रभारी अपने पिता के साथ तहसील कार्यालय में प्रवेश करते हैं। भूमि संबंधित फाइल निकाली जाती है। बात होती है पहले दो हजार रुपये दिए जाते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो सुखवीर सिंह और रुपये मांगते हैं। काफी जद्दोजेहद के बाद दो हजार रुपये और दिए जाते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो दो सौ रुपये आदेश टाइपिस्ट के लिए मांगते हैं, तब सेक्टर प्रभारी मना कर देते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो फिर से कहते हैं तब वे पांच सौ रुपये के फुटकर मांगते हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो फुटकर देकर दो सौ रुपये टाइपिस्ट के लिए भी ले लिए जाते हैं।