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सपा की छत्रछाया से निकल रहा है चौधरी साहब का परिवार, मुलायम के बेहद करीबी भाजपा में हो सकते हैं शामिल
Sun, 17 Oct 2021 04:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 17 Oct 2021 04:34 PM IST
सार
विधानसभा चुनाव से पहले सपा को एक बड़ा झटका लगना लगभग तय है। चुनावी रणनीति से लेकर मंत्रिमंडल के गठन तक की रणनीति चौधरी हरमोहन सिंह की कोठी से होकर निकलती थी। लेकिन अब इस कोठी के ऊपर भाजपा ने अपना झंडा फहराने की पूरी तैयारी कर ली है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को प्रणाम करते हुए सुखराम यादव के पुत्र मोहित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व राज्यसभा सदस्य चौधरी हरमोहन सिंह यादव का परिवार समाजवादी पार्टी की छत्रछाया से बाहर आ रहा है। पिछली बार जब चौधरी साहब की जयंती मनाई गई थी तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में हिस्सा लेकर इस बात के संकेत दिए थे। इस बार मुख्य अतिथि के रुप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आ रहे हैं।
कहा जा रहा है कि पिछली बार इस कुनबे के भाजपाई होने में जो कसर रह गई थी वह इस बार पूरी हो जाएगी। चौधरी हरमोहन सिंह को लेकर उनके परिवार में जो भी बड़े आयोजन हुए उसमें सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार का ही दबदबा रहा है। पिछले 2 वर्षों से इस रिश्ते में लगातार दूरी देखी जा रही है।
पिछले वर्ष के आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव आए थे। तब उन्होंने चौधरी साहब के बेटे राज्यसभा सांसद सुखराम यादव के पुत्र मोहित यादव को लेकर कहा था कि अब वह भाजपा के साथ रहेंगे। इस बार भी 18 अक्टूबर को होने वाले आयोजन की पूरी जिम्मेदारी मोहित यादव जी उठा रहे हैं। सुखराम यादव की तरफ से यह कह दिया गया है कि उनका बेटा बालिग है।
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वह किस पार्टी के साथ रहना चाहता है इसके लिए आजाद है। इससे ये साफ है कि मोहित का भाजपा में जाना लगभग तय है। हालांकि पिता के भाजपा में शामिल होने को लेकर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन भाजपा से नजदीकियां सुखराम सिंह यादव से लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं हाल ही में कानपुर से शुरू हुई अखिलेश यादव के विजय रथ यात्रा से भी सपा सांसद ने पूरी तरह दूरी बनाकर रखी।
सुखराम सिंह की यादव और ओबीसी वोट बैंक में अच्छी पकड़ है। वे अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा ओबीसी और यादव वोट बैंक में अच्छी पकड़ बनाना चाहती है। कानपुर नगर और देहात की लगभग सभी सीटों पर ओबीसी वोट बैंक अच्छी तादाद में है। वहीं इसका असर पूरे प्रदेश के ओबीसी वोट बैंक पर पड़ना तय है।
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कहा जा रहा है कि पिछली बार इस कुनबे के भाजपाई होने में जो कसर रह गई थी वह इस बार पूरी हो जाएगी। चौधरी हरमोहन सिंह को लेकर उनके परिवार में जो भी बड़े आयोजन हुए उसमें सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार का ही दबदबा रहा है। पिछले 2 वर्षों से इस रिश्ते में लगातार दूरी देखी जा रही है।
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पिछले वर्ष के आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव आए थे। तब उन्होंने चौधरी साहब के बेटे राज्यसभा सांसद सुखराम यादव के पुत्र मोहित यादव को लेकर कहा था कि अब वह भाजपा के साथ रहेंगे। इस बार भी 18 अक्टूबर को होने वाले आयोजन की पूरी जिम्मेदारी मोहित यादव जी उठा रहे हैं। सुखराम यादव की तरफ से यह कह दिया गया है कि उनका बेटा बालिग है।
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वह किस पार्टी के साथ रहना चाहता है इसके लिए आजाद है। इससे ये साफ है कि मोहित का भाजपा में जाना लगभग तय है। हालांकि पिता के भाजपा में शामिल होने को लेकर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन भाजपा से नजदीकियां सुखराम सिंह यादव से लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं हाल ही में कानपुर से शुरू हुई अखिलेश यादव के विजय रथ यात्रा से भी सपा सांसद ने पूरी तरह दूरी बनाकर रखी।
सुखराम सिंह की यादव और ओबीसी वोट बैंक में अच्छी पकड़ है। वे अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा ओबीसी और यादव वोट बैंक में अच्छी पकड़ बनाना चाहती है। कानपुर नगर और देहात की लगभग सभी सीटों पर ओबीसी वोट बैंक अच्छी तादाद में है। वहीं इसका असर पूरे प्रदेश के ओबीसी वोट बैंक पर पड़ना तय है।