Kanpur: महिला आरक्षण से कांग्रेसी पार्षदों को छोड़नी होगी सीट, पार्टी का दावा- सक्रिय नेत्री को मिलेगी तरजीह
उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव के लिए नगर विकास विभाग की तरफ से कानपुर नगर निगम के वार्डों की आरक्षण लिस्ट जारी कर दी गई। इसमें महिला आरक्षण से पांच कांग्रेसी पार्षदों को सीट छोड़नी पड़ेगी। ऐसे में पार्षद परिवार के लोगों को टिकट दिलाने की जुगत में लगे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर नगर निगम के वार्ड आरक्षण की सूची आने के साथ ही कांग्रेस में टिकट की चाहत रखने वालों ने जोर लगाना शुरू कर दिया है। पांच वार्ड ऐसे हैं, जिनमें वर्तमान पार्षद के हाथ से सीट खिसक सकती है। क्योंकि इन सीटों का आरक्षण बदल गया है। इन्हें महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
हालांकि घर से सीट न जाए, इसलिए नेताओं ने अपनी पत्नियों के नाम पर होर्डिंग लगानी शुरू कर दी है। कोशिश की जा रही है कि घर की सीट बाहर न जा पाए। हालांकि पार्टी के स्थानीय नेताओं से लेकर प्रदेश के नेताओं तक का रुख साफ है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर क्षेत्र की सक्रिय कांग्रेस नेत्री को तरजीह दी जाएगी।
ऐसी नेत्री नहीं मिली तो पार्षदों की पत्नियों के आवेदन पर विचार किया जा सकता है। वर्तमान में बेकनगंज से मो. अमीम, दबौली से जय प्रकाश पाल, श्यामनगर से राजीव सेतिया, चंदारी से कौसर अली और गोविंदनगर हरिजन बस्ती सीट से शैलेश आनंद पार्षद हैं। ये सभी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
गोविंदनगर सीट भी हुई महिला
गोविंदनगर सीट से कांग्रेस के अश्वनी कुमार चड्ढा पार्षद थे, लेकिन कोविड काल में उनकी मृत्यु हो गई थी। इस बार यह सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई है। हालांकि यहां से उनकी भाभी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। ऐसे में संभव है कि पार्टी उन्हें प्राथमिकता दे दे।
वहीं, बर्रा सीट अब पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गई है। ऐसे में वर्तमान पार्षद नीतू मिश्रा के हाथ से सीट जाना तय है। हालांकि अब उनके पति संजीव मिश्रा इस जुगत में लग गए हैं कि ओबीसी श्रेणी के अपने किसी करीबी को टिकट दिलाया जाए।
अन्य सीटों पर भी बदले समीकरण
कौशलपुरी सीट अब सामान्य हो गई है। ऐसे में वहां से वर्तमान पार्षद शशि साहू के अलावा सामान्य वर्ग के कुछ नेता भी टिकट के लिए जुगत में लग गए हैं। इसके अलावा जाजमऊ सीट भी पिछली बार महिलाओं के लिए आरक्षित थी, लेकिन इस बार वह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में इस सीट पर भी पार्षद पद के लिए कांग्रेस का चेहरा बदल सकता है।