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Kanpur News: जिला पंचायत की बैठक में हंगामा, अधूरे निर्माण और भुगतान पर उठे सवाल

Sat, 17 Jan 2026 02:53 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 02:53 AM IST
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Uproar in the district panchayat meeting, questions raised on incomplete construction and payment
कानपुर। जिला पंचायत की शुक्रवार को हुई बैठक में विकास कार्यों को लेकर हंगामा हुआ। सदस्यों ने अधूरे निर्माण, बिना काम के भुगतान और अधिकारियों की गैरहाजिरी पर आपत्ति जताई। बैठक में कहा गया कि जवाबदेह अधिकारियों के बिना विकास संभव नहीं है। हंगामे के बीच अपर मुख्य अधिकारी रवींद्र गुप्ता ने वर्ष 2025-26 के लिए 87.95 करोड़ रुपये का अनुमानित पुनरीक्षण बजट और वर्ष 2026-27 के लिए 53.27 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
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सदर तहसील स्थित जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को हुई बैठक में सदस्यों ने कहा कि पिछली बैठकों में दिए गए प्रस्तावों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जिला पंचायत सदस्य राज नारायण कुरील ने आरोप लगाया कि चतुरीपुर से झाड़ीबाबा तक की सड़क का निर्माण पूरा हुए बिना ही पूरा भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने जिले में ठेकेदारों के एक गिरोह के सक्रिय होने और अधिकारियों की मिलीभगत से काम करने का दावा किया। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने संबंधित सड़क की जांच के आदेश दिए।
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घाटमपुर की सदस्य सोमवती निषाद ने बताया कि बेला ग्राम पंचायत में दो नालों का निर्माण दो साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया है और बजट के अनुसार काम नहीं हो रहा है। लगाई गई लाइटें भी खराब पड़ी हैं। अध्यक्ष ने बताया कि हाईमास्ट लाइटों का रखरखाव दो वर्ष पहले ही ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया था। जलजीवन मिशन की पुरानी टंकियों में भी आज तक पानी नहीं पहुंचा है।
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बैठक में मनरेगा घोटाले का मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों ने सवाल किया कि बिल्हौर की सैबसू में हुए घोटाले में केवल प्रधानों पर प्राथमिकी दर्ज हुई, जबकि अफसर और एकाउंटेंट्स को बख्शा गया। चौबेपुर के सदस्यों ने बिल्हौर में गोकशी के मामले को उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित अभियुक्त जिला पंचायत से शव निस्तारण का ठेका मिलने की बात कह रहा है। इस पर अध्यक्ष ने शासन को पत्र लिखकर ठेका निरस्त कराने के निर्देश दिए।
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