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यूपी: विधानसभा से करीब 10 लाख ज्यादा वोटर निकायों की सूची में, इस जिले में सबसे ज्यादा तो यहां सबसे कम मतदाता
Wed, 28 Oct 2026 02:13 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 28 Oct 2026 02:13 PM IST
सार
यूपी मतदाता सूची में अंतर: उत्तर प्रदेश विधानसभा से करीब 10 लाख ज्यादा वोटर पंचायत और शहरी निकायों की मतदाता सूचियों में है। बुंदेलखंड के पांच जिलों में पंचायत और शहरी निकायों की सूची में 54.36 लाख मतदाता हैं।
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UP Voter List
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
बुंदेलखंड के पांच जिलों में मतदाताओं की संख्या को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा-विधानसभा की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जहां बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा और जालौन में कुल 44.40 लाख मतदाता दर्ज हैं।
वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की पंचायत और शहरी निकायों की मतदाता सूचियों में इन जिलों के मतदाताओं की संयुक्त संख्या 54.36 लाख है। यानी दोनों के आंकड़ों में करीब 9.96 लाख मतदाताओं का अंतर है।
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वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की पंचायत और शहरी निकायों की मतदाता सूचियों में इन जिलों के मतदाताओं की संयुक्त संख्या 54.36 लाख है। यानी दोनों के आंकड़ों में करीब 9.96 लाख मतदाताओं का अंतर है।
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निकायों और पंचायतों की सूची में दर्ज मतदाताओं की संख्या विधानसभा सूची के मुकाबले लगभग 22.4 प्रतिशत अधिक है। अब सवाल ये कि वह कौन से मतदाता हैं जो स्थानीय निकाय के चुनाव में वोट डालने का हक रखते हैं लेकिन विधान सभा और लोकसभा के चुनाव में वह वोट नहीं डाल सकते हैं।
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राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 10 जून 2026 को प्रकाशित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची और शहरी निकायों की मतदाता सूची के आंकड़ों को जोड़ने पर यह तस्वीर सामने आती है। दूसरी ओर, एसआईआर के बाद विधानसभा की मतदाता सूची में पांचों जिलों के कुल 44,40,330 मतदाता दर्ज हैं। इन जिलों में एसआईआर के दौरान कुल 4,72,389 नाम हटाए जाने के आंकड़े भी सामने आए थे।
जालौन में सबसे ज्यादा, महोबा में सबसे कम अंतर
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पंचायत और शहरी निकायों की मतदाता सूची तथा विधानसभा की मतदाता सूची के बीच सबसे ज्यादा अंतर जालौन में है। यहां निकायों और पंचायतों के कुल 14,66,374 मतदाताओं के मुकाबले विधानसभा सूची में 11,31,999 मतदाता हैं। दोनों के बीच 3,34,375 मतदाताओं का अंतर है।
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पंचायत और शहरी निकायों की मतदाता सूची तथा विधानसभा की मतदाता सूची के बीच सबसे ज्यादा अंतर जालौन में है। यहां निकायों और पंचायतों के कुल 14,66,374 मतदाताओं के मुकाबले विधानसभा सूची में 11,31,999 मतदाता हैं। दोनों के बीच 3,34,375 मतदाताओं का अंतर है।
बांदा में पंचायत और शहरी निकायों की संयुक्त मतदाता संख्या 14,66,631 है, जबकि विधानसभा सूची में 12,29,887 मतदाता हैं। यहां दोनों के आंकड़ों में 2,36,744 का अंतर है।
चित्रकूट में पंचायत और निकायों की सूची में 8,38,370 मतदाता दर्ज हैं, जबकि विधानसभा सूची में 6,68,198 मतदाता हैं। इस तरह दोनों सूचियों के बीच 1,70,172 मतदाताओं का अंतर है।
हमीरपुर में पंचायत और निकायों की संयुक्त मतदाता संख्या 9,28,846 है। विधानसभा सूची में 7,81,989 मतदाता दर्ज हैं। दोनों के बीच 1,46,857 मतदाताओं का अंतर है। महोबा में पंचायत और निकायों की सूची में 7,36,335 मतदाता हैं, जबकि विधानसभा सूची में 6,28,257 मतदाता दर्ज हैं। यहां यह अंतर 1,08,078 है।
चित्रकूट में एसआईआर के बाद 6.68 लाख मतदाता
चित्रकूट के आंकड़े मतदाता सूचियों के अंतर को समझने के लिहाज से अहम हैं। वर्ष 2024 में जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर कुल 7,34,948 मतदाता थे। इनमें चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में 3,85,302 और मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में 3,53,646 मतदाता शामिल थे।
चित्रकूट के आंकड़े मतदाता सूचियों के अंतर को समझने के लिहाज से अहम हैं। वर्ष 2024 में जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर कुल 7,34,948 मतदाता थे। इनमें चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में 3,85,302 और मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र में 3,53,646 मतदाता शामिल थे।
एसआईआर के दौरान जिले में 1,03,000 डुप्लीकेट और लापता मतदाताओं तथा 7,454 मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आंकड़े दिए गए हैं। वर्तमान में विधानसभा की मतदाता सूची में 6,68,198 मतदाता दर्ज हैं।
इसके मुकाबले वर्ष 2026 की त्रिस्तरीय पंचायत मतदाता सूची में 7,02,536 मतदाता दर्ज हैं। पंचायत की सूची में वर्ष 2021 के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2021 में जिले में 6,70,220 मतदाता थे। वर्ष 2026 की सूची में 1,01,520 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 69,204 नाम हटाए गए।
मतदाता सूचियों के अंतर की वजह क्या?
पांचों जिलों के आंकड़े यह सवाल जरूर खड़ा करते हैं कि विधानसभा और पंचायत-निकायों की मतदाता सूचियों में इतना अंतर क्यों है। हालांकि, इन आंकड़ों को सीधे-सीधे फर्जी या गलत मतदाता उचित नहीं माना जा सकता।
पांचों जिलों के आंकड़े यह सवाल जरूर खड़ा करते हैं कि विधानसभा और पंचायत-निकायों की मतदाता सूचियों में इतना अंतर क्यों है। हालांकि, इन आंकड़ों को सीधे-सीधे फर्जी या गलत मतदाता उचित नहीं माना जा सकता।
दोनों सूचियां अलग-अलग चुनावी व्यवस्थाओं के तहत तैयार होती हैं। उनके प्रकाशन की तारीख, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अंतर हो सकता है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि दोनों ही सूचियां एक ही प्रक्रिया के तहत बनाई जाती हैं।
इसके बावजूद पांचों जिलों में सामने आया करीब 9.96 लाख मतदाताओं का अंतर मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और दोनों सूचियों के समन्वय पर सवाल खड़े करता है।
पांचों जिलों का संयुक्त डेटा
| क्र. | जिला | कुल मतदाता | एसआईआर में हटाए गए नाम |
|---|---|---|---|
| 1 | बांदा | 12,29,887 | 1,19,634 |
| 2 | चित्रकूट | 6,68,198 | 70,750 |
| 3 | हमीरपुर | 7,81,989 | 57,742 |
| 4 | महोबा | 6,28,257 | 58,702 |
| 5 | जालौन | 11,31,999 | 1,65,561 |
| — | कुल | 44,40,330 | 4,72,389 |
शहरी मतदाता डेटा (पांचों जिले)
| क्र. | जिला | नगर पालिका परिषद | नगर पंचायत | कुल शहरी मतदाता |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बांदा | 1,76,964 | 76,806 | 2,53,770 |
| 2 | चित्रकूट | 87,361 | 50,552 | 1,37,913 |
| 3 | हमीरपुर | 1,37,674 | 62,654 | 2,00,328 |
| 4 | महोबा | 96,814 | 51,384 | 1,48,198 |
| 5 | जालौन | 3,22,843 | 74,235 | 3,97,078 |
| — | कुल | 8,21,656 | 3,15,631 | 11,37,287 |
ग्रामीण पंचायत मतदाता डेटा (पांचों जिले)
आंकड़े उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की 10 जून 2026 के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से।
| क्र. | जिला | ग्रामीण पंचायत मतदाता |
|---|---|---|
| 1 | बांदा | 12,12,861 |
| 2 | चित्रकूट | 7,00,457 |
| 3 | हमीरपुर | 7,28,518 |
| 4 | महोबा | 5,88,137 |
| 5 | जालौन | 10,69,296 |
| — | कुल | 42,99,269 |
आंकड़े उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की 10 जून 2026 के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से।
पंचायत-निकाय और विधान सभा मतदाता सूची में अंतर को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों सूचियां अलग-अलग बनाई जाती है। हमारी कोशिश है कि दोनों सूचियों में अंतर न रहे।-चंद्रशेखर, एडीएम चित्रकूट
दोनों मतदाता सूचियों में अंतर का कारण यह है कि वोटर जिस गांव का होता है उसका वोट वहां की ग्राम पंचायत स्तर की सूची में होता है। वहीं वोटर जहां काम कर रहा होता है वहां की विधान सभा मतदाता सूची में फाॅर्म-8 भरकर नाम जोड़वा लेता है। इसी कारण यह अंतर आ जाता है।-राजीव राज, जिला उपनिर्वाचन अधिकारी, जालौन
queries
1. यूपी के बुंदेलखंड में विधानसभा और निकाय वोटर लिस्ट में 9.96 लाख मतदाताओं का अंतर क्यों है?
2. क्या पंचायत और नगर निकाय की वोटर लिस्ट में नाम होने पर भी लोकसभा-विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सकते?
3. बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा और जालौन में किस जिले में सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदाता हैं?
4. विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में क्या अंतर होता है और इनके लिए नाम कैसे दर्ज किए जाते हैं?
5. यूपी में SIR के बाद विधानसभा की वोटर लिस्ट और पंचायत-निकाय मतदाता सूची के आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर कैसे सामने आया?
2. क्या पंचायत और नगर निकाय की वोटर लिस्ट में नाम होने पर भी लोकसभा-विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सकते?
3. बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा और जालौन में किस जिले में सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदाता हैं?
4. विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में क्या अंतर होता है और इनके लिए नाम कैसे दर्ज किए जाते हैं?
5. यूपी में SIR के बाद विधानसभा की वोटर लिस्ट और पंचायत-निकाय मतदाता सूची के आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर कैसे सामने आया?