UP News: पुलिस ने सात साल में 186 अपराधियों को किया ढेर, कानपुर जोन में मारे गए हैं नौ बदमाश, पढ़ें पूरा अपडेट
Kanpur Crime: यूपी पुलिस ने सात साल में 186 अपराधियों को ढेर किया है। इनमें कानपुर जोन में नौ अपराधी मारे गए हैं। वहीं, तीन मामलों की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। इसके अलावा, जेसीपी ने 2021 से पहले की लंबित विवेचनाओं का ब्यौरा मांगा है, जिसमें दरोगाओं पर कार्रवाई होगी।
विस्तार
यूपी पुलिस ने सात साल में 186 शातिर अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। इसमें कानपुर जोन के नौ और कानपुर कमिश्नरी के चार शातिर अपराधी शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 144 मामलों में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी है।
20 मामलों की विवेचना जारी है। 129 मामलों की अंतिम रिपोर्ट कोर्ट ने स्वीकृत कर ली है। पुलिस महानिदेशक आरके विश्वकर्मा ने 20 मार्च 2017 से 23 मई 2023 के बीच हुई मुठभेड़ की घटनाओं की समीक्षा की। इसमें पता चला कि यूपी पुलिस ने सात सालों में 186 अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है।
कानपुर जोन में मारे गए नौ बदमाश
इसमें पुलिस ने कुल 164 अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। मुठभेड़ के 144 मामलों की मजिस्ट्रेटी जांच कराई गई। इनमें से 23 जांच लंबित हैं। कानपुर जोन में नौ अपराधी मारे गए हैं। इनमें तीन मामलों की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है।
झांसी में पांच लाख का इनामी प्रयागराज के शिवकुटी मेहंदौरी निवासी गुलाम, प्रयागराज के चकिया खुल्लाबाद निवासी अतीक अहमद के बेटे असद व झांसी के करगुंवा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र यादव। इटावा में विकास दुबे के साथी प्रवीण दुबे, इटावा के चौबिया भूटा निवासी आदेश उर्फ सुंदर यादव।
कानपुर कमिश्नरी में मुठभेड़
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद करथिया निवासी सुभाष बाथम, कन्नौज के प्रायमपुर पैरोल विशुनगढ़ निवासी देवेंद्र यादव उर्फ रिंकू। उरई के राहिया निवासी कल्लू उर्फ उमेश व सरसोखी निवासी रमेश का एनकाउंटर किया गया। बिकरू कांड में शामिल पांच लाख के इनामी विकास दुबे, प्रेम पांडेय, अतुल कुमार, प्रभात मिश्रा।
तीन एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच
कानपुर जोन में हुए नौ एनकाउंटर में तीन मामलों की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। फर्रुखाबाद में हुए सुभाष बाथम, झांसी में हुए पुष्पेंद्र यादव व एक अन्य की जांच पूरी हो चुकी है।
यूपी में हुए एनकाउंटर
वर्ष 2017 में 28
वर्ष 2018 में 41
वर्ष 2019 में 34
वर्ष 2020 में 26
वर्ष 2021 में 26
वर्ष 2022 में 14
वर्ष 2023 में 17
जांच में लापरवाही बरतने वाले दरोगाओं पर होगी विभागीय कार्रवाई
जांच में लापरवाही बरतने वाले दरोगाओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अधिकारियों ने सभी थानाें में लंबित चल रहे 2021 से पहले के केसों की सूची मांगी है। तीन साल से ज्यादा समय से लटकी जांच का दरोगाओं को कारण बताना होगा। इसमें हाल में तबादला होने का हवाला देकर बचने वाले दरोगा भी नहीं बच पाएंगे।
जेसीपी ने 2021 से पहले की लंबित विवेचनाओं का मांगा ब्यौरा
पुलिस कमिश्नर से लेकर डीसीपी स्तर के अधिकारियों को थानों के निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई सालों से मामले लंबित हैं, उनकी अभी तक जांच भी पूरी नहीं हो पाई है। इसी के बाद सभी डीसीपी ने अपने जोन के थानों की लंबित जांच रिपोर्ट तलब की है। जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जांच लंबित रहना घोर लापरवाही है।