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यूपी: हर रोज छेड़छाड़ के बाद कानपुर के कर्नलगंज से पलायन करने के लिए मजबूर हुए लोग, शुरु हुई जांच
Thu, 24 Jun 2021 09:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 24 Jun 2021 09:47 PM IST
सार
कर्नलगंज में 19 जून को किशोरी से छेड़खानी करने वालों ने उसके घर पर धावा बोलकर परिजनों पर हमला कर दिया था। जिसके बाद से लोग पलायन करने के लिए मजबूर हैं लेकिन पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें रोक लिया है।
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छेड़खानी की घटना के बाद पलायन को मजबूर हुए लोग
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर के कर्नलगंज में छेड़खानी के विरोध पर हुए बवाल के बाद पलायन को मजबूर हुए परिवारों ने निर्णय बदल दिया है। दीवारों पर जो पलायन संबंधी बातें लिखी थीं उनको भी मिटा दिया है। इधर पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने लोगों में दहशत पैदा की। अब तक एक भी आरोपी को चिह्नित नहीं कर सकी है।
कर्नलगंज में 19 जून को किशोरी से छेड़खानी करने वालों ने उसके घर पर धावा बोलकर परिजनों पर हमला कर दिया था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा था। इस दौरान बुधवार सुबह संदीप चौरसिया व एक यादव परिवार ने घर के बाहर दीवारों पर लिखा कि वो यहां पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए पलायन कर रहे हैं। मकान बिकाऊ है।
जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची थी और सभी से बातचीत की थी। जिसमें पता चला था कि कुछ लोग लगातार हिंदू परिवारों को डरा धमका रहे हैं। इसलिए वो यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। जिसके बाद अब इन सभी ने दीवारों पर लिखे गए कथनों को मिटा दिया है। एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अराजकता फैलाने वालों को चिह्नित करने का प्रयास जारी है। जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कर्नलगंज में 19 जून को किशोरी से छेड़खानी करने वालों ने उसके घर पर धावा बोलकर परिजनों पर हमला कर दिया था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा था। इस दौरान बुधवार सुबह संदीप चौरसिया व एक यादव परिवार ने घर के बाहर दीवारों पर लिखा कि वो यहां पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए पलायन कर रहे हैं। मकान बिकाऊ है।
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जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची थी और सभी से बातचीत की थी। जिसमें पता चला था कि कुछ लोग लगातार हिंदू परिवारों को डरा धमका रहे हैं। इसलिए वो यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। जिसके बाद अब इन सभी ने दीवारों पर लिखे गए कथनों को मिटा दिया है। एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अराजकता फैलाने वालों को चिह्नित करने का प्रयास जारी है। जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षा का भरोसा दिया, इसलिए अब कहीं नहीं जाएंगे
जिन लोगों ने दीवारों पर पलायन करने की बात लिखी थी अब उनका कहना है कि उनको पुलिस पर भरोसा है। पुलिस ने उनको सुरक्षा की गारंटी दी है। इसलिए अब वो कहीं नहीं जाएंगे। गुरुवार को दोनों परिवारों ने पुलिस अफसरों को दहशत फैलाने वाले तीन से चार लोगों के नाम बताए। बताया कि वो किस तरह से मोहल्ले में अराजकता मचाए रहते हैं। जिससे लोग यहां से पलायन कर जाएं।
इसलिए अधिक डर गए थे लोग
दरअसल छेड़खानी के बाद हुए बवाल में पुलिस ने कइयों को उठाया था। इसमें से कई छोड़ दिए गए थे। लोगों ने आरोप लगाया था कि एक विधायक के कहने पर इनको छोड़ा गया। तब उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। सीपी ने तत्काल डीसीपी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तब लोग थोड़ा कार्रवाई से संतुष्ट हुए। लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी आरोपियों का कुछ खास नहीं हुआ इसलिए वो लोग डरे हुए थे।
जिन लोगों ने दीवारों पर पलायन करने की बात लिखी थी अब उनका कहना है कि उनको पुलिस पर भरोसा है। पुलिस ने उनको सुरक्षा की गारंटी दी है। इसलिए अब वो कहीं नहीं जाएंगे। गुरुवार को दोनों परिवारों ने पुलिस अफसरों को दहशत फैलाने वाले तीन से चार लोगों के नाम बताए। बताया कि वो किस तरह से मोहल्ले में अराजकता मचाए रहते हैं। जिससे लोग यहां से पलायन कर जाएं।
इसलिए अधिक डर गए थे लोग
दरअसल छेड़खानी के बाद हुए बवाल में पुलिस ने कइयों को उठाया था। इसमें से कई छोड़ दिए गए थे। लोगों ने आरोप लगाया था कि एक विधायक के कहने पर इनको छोड़ा गया। तब उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। सीपी ने तत्काल डीसीपी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तब लोग थोड़ा कार्रवाई से संतुष्ट हुए। लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी आरोपियों का कुछ खास नहीं हुआ इसलिए वो लोग डरे हुए थे।